Дилам ки дар ҳамаи олами ғам ту карда мурод
دلم که در همه عالم غم تو کرده مراد
Умеди даҳ ки зи васли ту кӣ расад ба мурод ?
امید ده که ز وصل تو کی رسد به مراد؟
Манам ки май сипарами солу моҳи роҳи ғамат
منم که می سپرم سال و ماه راه غمت
Ҷузи ашки дидау хӯни ҷигар на об , на зод
جز اشک دیده و خون جگر نه آب،نه زاد
Гирифтаи нақши ҳавояти ду равияи таҳтаи дил
گرفته نقش هوایت دو رویه تخته دل
Бар он мисол ки бар пушти дасти вшми савод
بر آن مثال که بر پشت دست وَشمِ سواد
Ҳар он хабар ки буд дар ҷаҳони зи ранҷу ъно
هر آن خبر که بود در جهان ز رنج و عنا
Забони ровии ишқат бадв кунад аснод
زبان راوی عشقت بدو کند اِسناد
Чаҳ хоҳам аз дили бечораи стмкш агар
چه خواهم از دل بیچاره ستمکش اگر
Шудаи сети ҳукми ҳавои туро ба ҷони мнқод ?
شده ست حکم هوای تو را به جان منقاد ؟
Касе ки сӯрати хуб ту дид ва фитна нашуд
کسی که صورت خوب تو دید و فتنه نشد
Ба назд ақл набошад ҷуз аз ҳисоби ҷамод
به نزد عقل نباشد جز از حساب جماد
Маро ба шшдри ғами баста дар ҳазораи ишқ
مرا به ششدر غم بسته در هزاره عشق
Зиёда мекунӣ аз ҷаври як якум чу зиёд
زیاده می کنی از جور یک یکم چو زیاد
Мадаи зи оташи ишқи об рӯй ман бар бод
مده ز آتش عشق آب روی من بر باد
Агар чаҳ пеш ту ҳастам чу хоки кӯии касод
اگر چه پیش تو هستم چو خاک کوی کساد
Ба хӯни ман чаҳ диҳии рхсаҳи зулфу ориз ро
به خون من چه دهی رخصه زلف و عارض را
Чу хости ғамзаи ?ути ин шуғлро ба истибдод
چو خواست غمزه ات این شغل را به استبداد
Знўки новакаши он дидаам ки дар ҷунбиш
زنوک ناوکش آن دیده ام که در جنبش
Ба марҳамии шимурам захм нашутур Фсод
به مرهمی شمرم زخم نشتر فصاد
Зпикрш ки нишоед нигоштан ба қалам
زپیکرش که نشاید نگاشتن به قلم
Дар орзӯаши манам тираи рӯзтар зи мидод
در آرزوش منم تیره روزتر ز مداد
Ба длФрўзӣу хӯбии тўрост чун шаҳ ро
به دلفروزی و خوبی توراست چون شه را
Ба тоҷи бахшеи вкшўри сетонеи истеъдод
به تاج بخشی وکشور ستانی استعداد
Ҳисоми давлату дайн каз пай салоҳаш кард
حسام دولت و دین کز پی صلاحش کرد
Худои ъзўҷли ҳофизи билоду ъёд
خدای عزّوجلّ حافظ بلاد و عیاد
Ҷами аҷами малики аъзами Ардашери дувум
جم عجم ملک اعظم اردشیر دوم
Ки ӯст афсари аслофи вмФхри аҷдод
که اوست افسر اسلاف ومفخر اجداد
Шаҳӣ ки равшании чашм коинот омад
شهی که روشنی چشم کاینات آمد
Барои рағми аъодӣу кӯрии ҳсод
برای رغم اعادی و کوری حساد
Расед мояи базлаш ба ҳар ғанӣу фақир
رسید مایه بذلش به هر غنی و فقیر
Кашид сояи адлаш ба ҳар диёру билод
کشید سایه عدلش به هر دیار و بلاد
Ба ҷанби рои дирафшону дирафшони дасташ
به جنب رای درفشان و درفشان دستش
На меҳру моҳи мунир ва на абру баҳри ҷавод
نه مهر و ماه منیر و نه ابر و بحر جواد
Зиҳии расидаи зтиғи ту бар мхлоФи дайн
زهی رسیده زتیغ تو بر مخلاف دین
Уқубатӣ чу дар айёми ҳуд бар сари од
عقوبتی چو در ایام هود بر سر عاد
Ҳарими малик ту омад масӯни зи риби мнўн
حریم ملک تو آمد مصون ز رَیب مَنون
Чунонкии нсрспҳр аз таъаррузи сайёд
چنانکه نسرسپهر از تعرض صیاد
Ба ҳар макон ки расад нури рӯзу зулмати шаб
به هر مکان که رسد نور روز و ظلمت شب
Гирифтааст бар ӯ сяти ҷоҳи ту мирсод
گرفته است بر او صیت جاه تو مرصاد
Агар зи малики сулаймон касе суол кунад
اگر ز ملک سلیمان کسی سوال کند
Фалаки нФози туро оварад ба истишҳод
فلک نفاذ تو را آورد به استشهاد
Вуҷӯди хасми ту ҷузи касрат саводӣ нест
وجود خصم تو جز کثرت سوادی نیست
Чунонк ҳайбати сифр аз миёнаи аъдод
چنانک هیبت صفر از میانه اعداد
Муроду ком ту хоҳад сипеҳр дар даврон
مراد و کام تو خواهد سپهر در دوران
Саноу ҳамд ту хонд фиришта дар аврод
ثنا و حمد تو خواند فرشته در اوراد
Ба нур пар нашудӣ зоФтоби кили ҳилол
به نور پر نشدی زآفتاب کیل هلال
Гар аз замир мунират накардӣ истимдод
گر از ضمیر منیرت نکردی استمداد
Бидон худоӣ ки аз рӯй кибриёу ҷалол
بدان خدای که از روی کبریا و جلال
Муназзаҳаст зи акФои муқаддас аз андои д
منزه است ز اکفا مقدس از اندا د
На зот бе бадалаши рости тӯҳмат аз ашбоаҳ
نه ذات بی بدلش راست تهمت از اشباه
На малики лами излши росту самт аз аздод
نه ملک لم یزلش راست و صمت از اضداد
Ки хусравӣ чу ту бедори бахти ъолиқдр
که خسروی چو تو بیدار بخت عالیقدر
Ба хоб низ набинад сарои куни вФсод
به خواب نیز نبیند سرای کون وفساد
Шҳо чаҳ мавсими наврӯзи фарох омада аст
شها چه موسم نوروز فراخ آمده است
Ки то ба лаҳву тараби ақлро кунад иршод
که تا به لهو و طرب عقل را کند ارشاد
Ба хоҳи бодаи нӯшин ва дод вақт бидиҳ
به خواه باده نوشین و داد وقت بده
Ки рӯз рафта нагардад ба ҳеҷ ҳоли маъод
که روز رفته نگردد به هیچ حال معاد
Биҳишти вори яке базми сози наврӯзӣ
بهشت وار یکی بزم ساز نوروزی
Чунонк ҳаст зи ойини хусравони муътод
چنانک هست ز آیین خسروان معتاد
Ки то ба тҳниаҳ дар пои базмати афшонам
که تا به تهنیه در پای بزمت افشانم
Тавилҳои дар , аз баҳри хотиру қод
طویلهای دُر،از بحر خاطر و قاد
Манам ки ёфтаам чирагӣу пирӯзӣ
منم که یافته ام چیرگی و پیروزی
Збндгии ту бар ҷумлаи матлабу мртод
زبندگی تو بر جمله مطلب و مرتاد
Ба хизмати ту амон ё Фтаҳи зи сарфи замон
به خدمت تو امان یا فته ز صرف زمان
Чунонкӣ аз асари саъии Муртазои миқдод
چنانکه از اثر سعی مرتضی مقداد
Ба абри марҳамату аФтоби ъотФтт
به ابر مرحمت و افتاب عاطفتت
Расед хӯшаи умеди ман ба вақти ҳсод
رسید خوشه امّید من به وقت حصاد
Миёни зумраи ақронм аз анояти маҳз
میان زمره اقرانم از عنایت محض
Ту кардӣ ӯ ҳад аз он пас ки будам аз оҳод
تو کردی او حد از آن پس که بودم از آحاد
зи тарбият чу кунӣ бештар ниёем кам
ز تربیت چو کنی بیشتر نیایم کم
Ба назми внсри зи собӣу соҳиби ибод
به نظم ونثر ز صابی و صاحب عباد
Ҳамеша то ки ба тақдири сунъ бе иллат
همیشه تا که به تقدیر صنع بی علت
Буд Фрохтаҳи ин чаҳор тоқи сиъи шаддод
بود فراخته این چهار طاق سیع شداد
Сродқот ҷалолат кашида боди чунон
سرادقات جلالت کشیده باد چنان
Ки аз бақоаш таноб ояд аз давоми аўтод
که از بقاش طناب آید از دوام اوتاد
Қабои муддати даврон ту бидон қади бод
قبای مدت دوران تو بدان قد باد
Ки доманаши з дарозӣ расад ба рӯзи маъод
که دامنش ز درازی رسد به روز معاد