То ғамзаи ту тири ҷафо бар камони ниҳод
تا غمزه تو تیر جفا بر کمان نهاد
Хуии ту расми хираи кашӣ дар ҷаҳони ниҳод
خوی تو رسم خیره کشی در جهان نهاد
Баси ҷони нозанин ки балоро нишона шуд
بس جان نازنین که بلا را نشانه شد
Зон тирҳо ки ғамзаи ту бар камони ниҳод
زان تیرها که غمزه تو بر کمان نهاد
Сабрӣ ки дар миёни ғамами дастгир буд
صبری که در میان غمم دستگیر بود
Аз дасти меҳнати ту қадам бар карони ниҳод
از دست محنت تو قدم بر کران نهاد
Айшӣ ки чашм ақл бидӯзад зи тирагӣ
عیشی که چشم عقل بدوزد ز تیرگی
Дасти замона дар сари зулфати аёни ниҳод
دست زمانه در سر زلفت عیان نهاد
Ва андешае ки гум шавад злтФ дар замир
و اندیشه ای که گم شود زلطف در ضمیر
Гардун ба роз бо камарат дар миёни ниҳод
گردون به راز با کمرت در میان نهاد
Бар раҳ нишаст дида ки то чун вафо шавад
بر ره نشست دیده که تا چون وفا شود
Он ваъдаҳо ки лутфи ту дар гӯши ҷони ниҳод
آن وعده ها که لطف تو در گوش جان نهاد
Дар хат шавам зи сабзаи хати ту ҳар замон
در خط شَوَم ز سبزه خط ّتو هر زمان
То лаб чаро бар он лаб шукр фишон ниҳод
تا لب چرا بر آن لب شکر فشان نهاد
Бар сари занами зи ғайрати зулфи ту каз чаҳ ваҷҳ
بر سر زنم ز غیرت زلف تو کز چه وجه
Сар бар канори тозаи гулу арғавони ниҳод
سر بر کنار تازه گل و ارغوان نهاد
Зини гӯнаи мушкилот ки дар роҳ ишқ туаст
زین گونه مشکلات که در راه عشق توست
Дил бар вафои аҳди ту мушкили тавон ниҳод
دل بر وفای عهد تو مشکل توان نهاد
Донам яқин ки нашканад алои санои шоҳ
دانم یقین که نشکند الا ثنای شاه
Меҳрӣ ки ишваи ту маро бар забони ниҳод
مهری که عشوه تو مرا بر زبان نهاد
Миннати хдоирокаҳ ба номи хдоигон
منت خدایراکه به نام خدایگان
Бар чархи пери маснади бахти ҷавони ниҳод
بر چرخ پیر مسند بخت جوان نهاد
Дасти замонаи гавҳари шоҳӣ ба фоли нек
دست زمانه گوهر شاهی به فال نیک
Дар остини ҳукми қизили Арсалони ниҳод
در آستین حکم قزل ارسلان نهاد
Шоҳи ҷаҳони Музаффари дайни хусрави аҷам
شاه جهان مظفر دین خسرو عجم
Каз фахри пой бар сари ҳафт осмони ниҳод
کز فخر پای بر سر هفت آسمان نهاد
Дар тангнои байзаи зи тадбири адл ӯ
در تنگنای بیضه ز تدبیر عدل او
Наққоши табъи пайкари мурғи ошёни ниҳод
نقاش طبع پیکر مرغ آشیان نهاد
Қадараши рикоб бо фалаки андар рикоб шуд
قدرش رکاب با فلک اندر رکاب شد
Фурмонаш бо замонаи Аннан дар Аннани ниҳод
فرمانش با زمانه عنان در عنان نهاد
эй хусравӣ ки дар сафи ҳиҷои туро хирад
ای خسروی که در صف هیجا تو را خرد
Ҳамтои пели ҷангии вшири жёни ниҳод
همتای پیل جنگی وشیر ژیان نهاد
Аз интиқоми адли ту бо заъфи хеши Кебек
از انتقام عدل تو با ضعف خویش کبک
Дар чашми бошаҳу дили бози ошёни ниҳод
در چشم باشه و دل باز آشیان نهاد
Чашми бунафшаи сӯрати қаҳрат ба хоб дид
چشم بنفشه صورت قهرت به خواب دید
Сар чун адуат бар сари зону аз он ниҳод
سر چون عدوت بر سر زانو از آن نهاد
Бар боми ҳафт қалъаи гардуни ҳазор шаб
بر بام هفت قلعه گردون هزار شب
Ҳзми ту пой бар зибри посбони ниҳод
حزم تو پای بر زبر پاسبان نهاد
Ту беқаринӣ аз ҳамаи ақрон аз он қабл
تو بی قرینی از همه اقران از آن قبل
Науммат замонаи хусрави соҳиби қирони ниҳод
نامت زمانه خسرو صاحب قران نهاد
Дастати сабки мухолифи дайнро ббод дод
دستت سبک مخالف دین را بباد داد
Зон бодҳо ки бар сари гурзи гарони ниҳод
زان بادها که بر سر گرز گران نهاد
Ҷоҳи ту асб бар сари меҳру сипеҳри тохт
جاه تو اسب بر سر مهر و سپهر تاخت
Ҷӯади ту доғ бар дили дарёу кони ниҳод
جود تو داغ بر دل دریا و کان نهاد
Ҷузи серумаи аҷали набарди ҳайратӣ ки даҳр
جز سرمه اجل نبرد حیرتی که دهر
Дар чашми душмани ту ба нӯки синони ниҳод
در چشم دشمن تو به نوک سنان نهاد
Тири ту мсръӣаст ки пеш аз зиҳи камон
تیر تو مُسرِعی است که پیش از زه کمان
Тақдири муждаи зафараш дар даҳони ниҳод
تقدیر مژده ظفرش در دهان نهاد
Он сар ки чарх аз хати таклиф бар гирифт
آن سر که چرخ از خط تکلیف بر گرفت
Дар амтсоли ҳукми ту бар остони ниҳод
در امتثال حکم تو بر آستان نهاد
То дар қабул ақл наёяд ки одамӣ
تا در قبول عقل نیاید که آدمی
Дил бар бақои мамлакати ҷовдони ниҳод
دل بر بقای مملکت جاودان نهاد
Ҷовиди зӣ ки навбати малики туро қазо
جاوید زی که نوبت ملک تو را قضا
Дар ваҷҳи дафъи фитнаи охири замони ниҳод
در وجه دفع فتنه آخر زمان نهاد