Гули зи харгоҳи чаман рӯй ба саҳро дорад
گل ز خرگاه چمن روی به صحرا دارد
Сар май хӯрдан он харгаҳ мино дорад
سر می خوردن آن خرگه مینا دارد
Сабза чун тозагии афзуд ба сари сабзии сол
سبزه چون تازگی افزود به سر سبزی سال
Гулбуни фатҳи малики сар сурайё дорад
گلبن فتح مَلک سرّ ثریا دارد
Тоҷи бахши маликони шоҳи ҷўонбхти ҷавон
تاج بخش ملکان شاه جوانبخت جوان
Каз ҳамаи тоҷўрони мансаб аъло дорад
کز همه تاجوران منصب اعلا دارد
Хизри файзӣ ки ба фатвои Муҳамади нисбӣ
خضر فیضی که به فتوی محمد نسبی
Банд бар тораки ин гунбад хзро дорад
بند بر تارک این گنبد خضرا دارد
Бахти бедори фалаки ёвару иқболи мутӣъ
بخت بیدار فلک یاور و اقبال مطیع
Мамлакати байн ки чаҳ асбоб муҳайё дорад
مملکت بین که چه اسباب مهیا دارد
Дар чунин боғи саодат ки гули фатҳи шкФт
در چنین باغ سعادت که گل فتح شکفت
Шояд ар чашми зафари азм тамошо дорад
شاید ار چشم ظفر عزم تماشا دارد
Давлати Қоҳира аз ҷониби шаҳ давр мабод
دولت قاهره از جانب شه دور مباد
Чархро пай кунад ар ҷониб аъдо дорад
چرخ را پی کند ار جانب اعدا دارد
Моҳ нав дид аду бар илмаш шефта шуд
ماه نو دید عدو بر علمش شیفته شد
Моҳи нави шефтаро бар сар савдо дорад
ماه نو شیفته را بر سر سودا دارد
Бим ҷон дид адуят ки вилояти бгзошт
بیم جان دید عدویت که ولایت بگذاشت
Онк ӯ ғарқа шавад кӣ ғам коло дорад ? !
آنک او غرقه شود کی غم کالا دارد ؟!
Кӣ кунад ҳамсарии шоҳи мнозъи тарафӣ
کی کند همسری شاه منازع طرفی
Каз тараф то ба тарафи банда ва мавло дорад
کز طرف تا به طرف بنده و مولا دارد
Бандае чандгар аз хизмат ӯ давр шуданд
بنده ای چند گر از خدمت او دور شدند
Шаҳ набояд ки ҷузи иқбол таманно дорад
شه نباید که جز اقبال تمنا دارد
Гар зи дарёи ду се қатра бипароканад чаҳ бок ?
گر ز دریا دو سه قطره بپراکند چه باک ؟
Боз чун ҷамъ шавад майл ба дарё дорад
باز چون جمع شود میل به دریا دارد
Ҳар ки аз қибла ислом бигардонад рӯй
هر که از قبله اسلام بگرداند روی
Бегумон рӯй сӯии қибла тарсо дорад
بی گمان روی سوی قبله ترسا دارد
Вонк дар дайн масеҳо шавад аз ҳайбат ӯ
وانک در دین مسیحا شود از هیبت او
Набарди ҷон агар афсун масеҳо дорад
نبرد جان اگر افسون مسیحا دارد
Ҳар ки дар мазҳаб шаҳ нест зи дунёу зи дайн
هر که در مذهب شه نیست ز دنیا و ز دین
Мазҳаб онаст ки на дайн ва на дунё дорад
مذهب آن است که نه دین و نه دنیا دارد
эй Ямани тоби Суҳайлӣ ки ба номӯси ақиқ
ای یمن تاب سهیلی که به ناموس عقیق
Захми пӯлоди ту хӯн бар дил хоро дорад
زخم پولاد تو خون بر دل خارا دارد
Гуфт оем ба масофи ту зи давр осон аст
گفت آیم به مصاف تو ز دور آسان است
Мард май бояд кини Зуҳра вёро дорад
مرد می باید کین زهره ویارا دارد
Қаҳр агар душмани шаҳи рошкнд гӯ башикан
قهر اگر دشمن شه راشکند گو بشکن
То кӣ озарм кунад чанд муҳобо дорад ?
تا کی آزرم کند چند محابا دارد؟
То ту дар рустаи даъвӣ ки шносои гуҳарӣ
تا تو در رسته دعوی که شناسا گهری
На зумуррад ки фалаки ришта мино дорад
نه زمرد که فلک رشته مینا دارد
Бо чу ту сирФиии нақди намӯдан хатар аст
با چو تو صیرفیی نقد نمودن خطر است
Ки дили равшани ту дида бино дорад
که دل روشن تو دیده بینا دارد
Чун туе довару фарёди раси мазлӯмон
چون تویی داور و فریاد رس مظلومان
Кист имрӯз ки андеша фардо дорад ?
کیست امروز که اندیشه فردا دارد؟
Бандаро бо ту маҷоласт ба сад нукта валек
بنده را با تو مجال است به صد نکته ولیک
Ҷомаи он ба ки ба андоза боло дорад
جامه آن به که به اندازه بالا دارد
Ту сулаймонии воин мурғи забонӣ ки марост
تو سلیمانی واین مرغ زبانی که مراست
Пеши ту пари бунаадгар пар анқо дорад
پیش تو پر بنهد گر پر عنقا دارد