Ҳаргизи сабои зи зулфи ту як тор нашканад
هرگز صبا ز زلف تو یک تار نشکند
То қадари чину қимат тотор нашканад
تا قدر چین و قیمت تاتار نشکند
Ҷуз дар мисоли бурдани хаттии зи оризат
جز در مثال بردن خطی ز عارضت
Наққоши ишқро сар паргор нашканад
نقاش عشق را سر پرگار نشکند
Даъвии хӯбии ту чу ботил нашуд ба хат
دعوی خوبی تو چو باطل نشد به خط
Маълум шуд ки равнақи гул хор нашканад
معلوم شد که رونق گل خار نشکند
Дар кеши ғамза ту шуд андохтани ҳаром
در کیش غمزه تو شد انداختن حرام
Ҳар новакӣ ки дар дил афкор нашканад
هر ناوکی که در دل افکار نشکند
Бемори наргиси ту чу моил ба хӯни мост
بیمار نرگس تو چو مایل به خون ماست
Тан дар диҳем то дил бемор нашканад
تن در دهیم تا دل بیمار نشکند
Набӯд дамӣ ки дар қидмат аз паии нисор
نبود دمی که در قدمت از پی نثار
Чашми ҳазор лؤлؤ шҳўор нашканад
چشم هزار لؤلؤ شهوار نشکند
Ту бо дил чу сангу марои роҳи сабри пеш
تو با دل چو سنگ و مرا راه صبر پیش
Онҷо чаҳ обгина ки дар бор нашканад
آنجا چه آبگینه که در بار نشکند
Як бӯса аз лаби ту ба як ҷони тавон харид
یک بوسه از لب تو به یک جان توان خرید
Гар ишқро зи ҳасани ту бозор нашканад
گر عشق را ز حسن تو بازار نشکند
Рӯзӣ ба лутф дар рухами охир назар кунӣ
روزی به لطف در رخم آخر نظر کنی
Гар қадари зар аз он каф дарбор нашканад
گر قدر زر از آن کف دربار نشکند
Аънии кафи ҷаводи шҳншаҳ ки ҷоҳ ӯ
اعنی کف جواد شهنشه که جاه او
Аз меҳру ма ба поя ва миқдор нашканад
از مهر و مه به پایه و مقدار نشکند
эй хусравӣ ки то зи нуҳум чарх нагзарад
ای خسروی که تا ز نهم چرخ نگذرد
Каси пеши ҳазрати ту саф бор нашканад
کس پیش حضرت تو صف بار نشکند
Бе мояи мҷоҳзи халқи ту боди субҳ
بی مایه مجاهز خلق تو باد صبح
Нархи абиру равнақ аттор нашканад
نرخ عبیر و رونق عطار نشکند
Ало ба буии лутфи ту машшотаи чаман
الاّ به بوی لطف تو مشاطه چمن
Зулфи бунафша бар рух гулзор нашканад
زلف بنفشه بر رخ گلزار نشکند
Бар нардбони рифъати ту ваҳм кӣ шавад ?
بر نردبان رفعت تو وهم کی شود؟
То сад ҳазор поя пиндор нашканад ? !
تا صد هزار پایه پندار نشکند؟!
Бо ҷӯад бе дареғи ту нисбат дуруст кард
با جود بی دریغ تو نسبت درست کرد
Нақдӣ ки дар тарозуӣ меъёр нашканад
نقدی که در ترازوی معیار نشکند
Аҳдӣ ки бо ту басти саодат ба ҳеҷ давр
عهدی که با تو بست سعادت به هیچ دور
То рӯзи ҳашари гунбад даввор нашканад
تا روز حشر گنبد دوار نشکند
Шохӣ ки сояи дорӣ халқаш диҳад худо
شاخی که سایه داری خلقش دهد خدا
Аз тунди боди ҳодисаҳо хор нашканад
از تند باد حادثه ها خار نشکند
Дар хонае ки гурзи ту кӯбад дар аҷал
در خانه ای که گرز تو کوبد در اجل
Алои сари адуии ту девор нашканад
الا سر عدوی تو دیوار نشکند
Бо ту кадоми хасм наад рӯ ба корзор ?
با تو کدام خصم نهد رو به کارزار؟
Каз кор кард ҳамлаи ту зор нашканад ? !
کز کار کرد حمله تو زار نشکند ؟!
Кӯси ту захма накунад то садои кӯҳ
کوس تو زخمه نکند تا صدای کوه
Аз ҳайбати ту дар дам кҳсор нашканад
از هیبت تو در دم کهسار نشکند
Зинҳор ! найзаи ту чаҳ Марӣаст каз забонаш
زنهار!نیزه تو چه ماری است کز زبانش
Ҷуз дар даҳони хасми ту зинҳор нашканад
جز در دهان خصم تو زنهار نشکند
Теғи ту сафи душману ҳукми ту дасти чарх
تیغ تو صف دشمن و حکم تو دست چرخ
Осон агар бибандад душвор нашканад
آسان اگر ببندد دشوار نشکند
Шаб нагзарад ки сӯрати қаҳрати хаёли хоб
شب نگذرد که صورت قهرت خیال خواب
Андари димоғи фитна бедор нашканад
اندر دماغ فتنه بیدار نشکند
Ҳозир ба хон мкрмтт кӣ шавад тамаъ ?
حاضر به خوان مکرُمتت کی شود طمع؟
Конҷоши оз , меъда ноҳор нашканад
کانجاش آز،معده ناهار نشکند
Пушти фалаки зи баҳр рубудани куҷои хамад
پشت فلک ز بهر ربودن کجا خمد
То наъли нуқра , хинги ту мсмор нашканад ?
تا نعل نقره،خنگ تو مسمار نشکند؟
Ҳрсбҳи ҷуз барои сари афсори аблақат
هرصبح جز برای سر افسار ابلقت
Гардун дирам наризад ва динор нашканад
گردون درم نریزد و دینار نشکند
Шоҳо агар чаҳ пояи фазли марои ривоҷ
شاها اگر چه پایه فضل مرا رواج
Сармояи бизоъат ашъор нашканад
سرمایه بضاعت اشعار نشکند
Ҷузи баҳри назми зевари мадҳи ту ҳар нафас
جز بهر نظم زیور مدح تو هر نفس
Нутқам дар хазона асрор нашканад
نطقم در خزانه اسرار نشکند
То нақши банди кисвати ин чори коргоҳ
تا نقش بند کسوت این چار کارگاه
Ин ҳафт олатаст ки дар кор нашканад
این هفت آلت است که در کار نشکند
Доими асоси умри чунон бодати устувор
دایم اساس عمر چنان بادت استوار
Каз ҳафт дар нагардад ва аз чор нашканад
کز هفت در نگردد و از چار نشکند