Крости Зуҳра ки бо ин дили зи сабри нФўр

کراست زهره که با این دل ز صبر نفور

Дар афканди суханӣ аз видоъи Найшобӯр

در افکند سخنی از وداع نیشابور

Агар чаҳ май шунӯди нолаи ғроб ва лек

اگر چه می شنود ناله غراب و لیک

Чигуна фаҳм кунад одамии забони туюр

چگونه فهم کند آدمی زبان طیور

Надонам ин чаҳ далерии сети гўиё ки ғроб

ندانم این چه دلیری ست گوییا که غراب

ЗолФ хеш набӯдаст ҳеҷ шаби маҳҷӯр

زالف خویش نبودست هیچ شب مهجور

Ғробро чаҳ хабар зонк ҳар шаб аз ғами ҳиҷр

غراب را چه خبر زانک هر شب از غم هجر

Чигуна мегузарад ҳоли ин дили ранҷур

چگونه می گذرد حال این دل رنجور

Ҳадиси ҳиҷр тавон гуфт бо касе ки буд

حدیث هجر توان گفت با کسی که بود

Чун зулфи ёри мушавваш чу чашм ӯ махмур

چون زلف یار مشوَّش چو چشم او مخمور

На як шаб аз лаб лаълаш чашида таъми шукр

نه یک شب از لب لعلش چشیده طعم شکر

На як дам аз сари зулфаши гирифта буи бихӯр

نه یک دم از سر زلفش گرفته بوی بخور

Гумони ман ҳамаи ин буд пеши азин кохр

گمان من همه این بود پیش ازین کاخر

Чунин ки даврами азу аз дараш нмонми давр

چنین که دورم ازو از درش نمانم دور

Дилами згитии чандон ҳисоби кажи бардошт

دلم زگیتی چندان حساب کژ برداشت

Ки роҳ ёфт бадви сад ҳазор гӯнаи ксўр

که راه یافت بدو صد هزار گونه کسور

Магари зи пардаи буруни аўФтодаҳи нолаи ман

مگر ز پرده برون اوفتاده ناله من

Ки медиҳад фалаками гӯшмол чун тнбўр

که می دهد فلکم گوشمال چون طنبور

Яке зи бўолъҷбиҳои рӯз ва шаб инаст

یکی ز بوالعجبیهای روز و شب اینست

Ки рӯзи равшан ман кард чун шаби диҷўр

که روز روشن من کرد چون شب دیجور

Аҷабтар онки дарин ғам ҳануз дилшодам

عجب تر آنک درین غم هنوز دلشادم

Бидон умед ки саъйӣ кунад фалаки мшкўр

بدان امید که سعیی کند فلک مشکور

Ки ёдгор намонад нишони чеҳраи ман

که یادگار نماند نشان چهره من

Барастона шоҳи Музаффари Мансур

بر استانه شاه مظفر منصور

Тғоншаҳи бен муаййид ки шоҳи анҷуми чарх

طغانشه بن مؤید که شاه انجم چرخ

Змоаҳи роят ӯ орият сетанд нур

زماه رایت او عاریت ستاند نور

Кафш чунонк ба вақти сахои фурӯи резад

کفش چنانک به وقت سخا فرو ریزد

Ба рӯй дасти нҳонхонаҳи ҷиболу бҳўр

به روی دست نهانخانه جبال و بحور

Дилаш чунонк ба ҳангоми кӣна паст кунад

دلش چنانک به هنگام کینه پست کند

Ба зери пои баровардаи синӣну шҳўр

به زیر پای برآورده سنین و شهور

Дар он диёр ки афканди адл ӯ соя

در آن دیار که افکند عدل او سایه

Ба қадари зарра буд офтоби вақти зуҳӯр

به قدر ذره بود آفتاب وقت ظهور

Дар он мақом ки бикшод ҳзм ӯ дида

در آن مقام که بگشاد حزم او دیده

Хиради заъиф басар бошаду фалаки шбкўр

خرد ضعیف بصر باشد و فلک شبکور

Хдоигоно бар вифқи рои афлотӯн

خدایگانا بر وفق رای افلاطون

Туро худои збҳри масолеҳи ҷумҳӯр

تو را خدای زبهر مصالح جمهور

БёФриди зи иқболи сӯратии пас аз ан

بیافرید ز اقبال صورتی پس از ان

Ҳулӯл кард дарави ҷони баҳману шопӯр

حلول کرد درو جان بهمن و شاپور

Чунонкии бода ба ҷисми пиёла нақл кунад

چنانکه باده به جسم پیاله نقل کند

Пас аз мФорқт ӯ зи қолаби ангур

پس از مفارقت او ز قالب انگور

Ба рӯзгори ту он интизом ёфт ҷаҳон

به روزگار تو آن انتظام یافت جهان

Ки аз ҳимояти ҷӯ , бениёз шуд кофур

که از حمایت جو،بی نیاز شد کافور

Аҷаб набошад агар каждуми фалак дар дам

عجب نباشد اگر کژدم فلک در دم

Ниҳон кунад зи наҳифи ту неш чун занбӯр

نهان کند ز نهیب تو نیش چون زنبور

зи гирди хайли ту машшотагони олами қудс

ز گرد خیل تو مشاطگان عالم قدس

Кашанди ғолияи ҳасани гирди оризи ҳур

کشند غالیه حسن گرد عارض حور

Замонаи ҳукми туро чокарӣ буд мнқод

زمانه حکم تو را چاکری بود منقاد

Фалаки мисоли туро бандае буд маъмур

فلک مثال تو را بنده ای بود مامور

Аё риёзамоне ба ҷӯади ту хуррам

ایا ریاض امانی به جود تو خرم

Ва ё ҷаҳони маъонӣ ба ҷоҳи ту мқсўр

و یا جهان معانی به جاه تو مقصور

Агарчӣ қосирам аз кана неъматат хоҳам

اگرچه قاصرم از کنه نعمتت خواهم

Ки рӯзгор кунам бар санои ту мқсўр

که روزگار کنم بر ثنای تو مقصور

Валек дасти ҳаводиси чунон гулӯ гираст

ولیک دست حوادث چنان گلو گیرست

Ки ҳаст дам заданами ҷумлаи нФсаҳи мсдўр

که هست دم زدنم جمله نفثه مصدور

Сухани шикояти гардун шудаи сету узр ин аст

سخن شکایت گردون شده ست و عذر این است

Вагарна ақл надорад марои дарин маъзӯр

وگرنه عقل ندارد مرا درین معذور

Дар ин қасида ки дар пеши назми алфози ш

در این قصیده که در پیش نظم الفاظ‌ش

Чу об ҳал шавад аз шарми лўлўи мансур

چو آب حل شود از شرم لولو منثور

Мазиди шӯҳратам онгаҳ буд ки бар хуоне

مزید شهرتم آنگه بود که بر خوانی

Зиҳӣ ба ҷӯади ту айёми мкрмти машҳур

زهی به جود تو ایام مکرمت مشهور

Ҳамеша то нашавад кори олам аз Фтрот

همیشه تا نشود کار عالم از فترات

Чунон бизӣ ки хирадмандро кунад мағрур

چنان بزی که خردمند را کند مغرور

Бигир олам ва бар хури зи мамлакат ки намонад

بگیر عالم و بر خور ز مملکت که نماند

Буруни зчшм батон дар замонаи ҳеҷ Фтўр

برون زچشم بتان در زمانه هیچ فتور

Бурид сяти туро даст дар Аннани сабо

برید صیت تو را دست در عنان صبا

Расӯли ҳукми туро пой дар рикоби дбўр

رسول حکم تو را پای در رکاب دبور