Ту рости лаъли шукри бор ва дар миёни гавҳар
تو راست لعل شکر بار و در میان گوهر
Миёни лаъл чаро кардае ниҳони гавҳар
میان لعل چرا کرده ای نهان گوهر
Ба ханда чун лаби ёқӯти ранги бгшоӣӣ
به خنده چون لب یاقوت رنگ بگشائی
зи шарм зард шавад ҳамчуи заъфарони гавҳар
ز شرم زرد شود همچو زعفران گوهر
Рухам чу зард шуд ва аз ҷазаъи дида ҳар соъат
رخم چو زرد شد و از جزع دیده هر ساعت
Фишонам аз ғами он лаъли дирафшони гавҳар
فشانم از غم آن لعل درفشان گوهر
Чунон ба чашми ту бе қиматами з бе дарме
چنان به چشم تو بی قیمتم ز بی درمی
Ки рӯзи базм ба чашми хдоигони гавҳар
که روز بزم به چشم خدایگان گوهر
Маро ба боди мада гарчи хоксорам аз онк
مرا به باد مده گرچه خاکسارم از آنک
Ба хок тира кунад бештари макони гавҳар
به خاک تیره کند بیشتر مکان گوهر
Агарчӣ сим ва зарам нест ҳаст гавҳари нафас
اگرچه سیم و زرم نیست هست گوهر نفس
Ки назд ақл ба аз сад ҳазорагони гавҳар
که نزد عقل به از صد هزارگان گوهر
Сазад ки нанг наёяд тўрои зи суҳбати ман
سزد که ننگ نیاید تورا ز صحبت من
Аз онк нанг надорад зи ресмони гавҳар
از آنک ننگ ندارد ز ریسمان گوهر
Ҳамин басаст ки алмоси табъ ман дорад
همین بس است که الماس طبع من دارد
Чу ханҷари малики шарқ дар миёни гавҳар
چو خنجر ملک شرق در میان گوهر
Хдоигони мулӯки ҷаҳони тғоншаҳи онк
خدایگان ملوک جهان طغانشه آنک
Нисор мекунад аз ҷӯад бар ҷаҳони гавҳар
نثار می کند از جود بر جهان گوهر
зи бас ки хӯн муонид бирехт рӯзи масоф
ز بس که خون معاند بریخت روز مصاف
Гирифт дар дили кони ранги арғавони гавҳар
گرفت در دل کان رنگ ارغوان گوهر
Ба ҳарби душмани бади феъл ӯ аҷабтар он
به حرب دشمن بد فعل او عجبتر آن
Ки ҳамчу теғ баровард устихони гавҳар
که همچو تیغ برآورد استخوان گوهر
Ба Ямани бахт чу гирад қалам ба даст кунад
به یمن بخت چو گیرد قلم به دست کند
Ба сӯрати шабаҳ аз нӯк ӯ равони гавҳар
به صورت شبه از نوک او روان گوهر
Сипеҳри қдрои даст хирад наме ёбад
سپهر قدرا دست خرد نمی یابد
Ба қадари ҷӯади ту дар ганҷи шоягони гавҳар
به قدر جود تو در گنج شایگان گوهر
Агар ту даст саховат кашида тар накунӣ
اگر تو دست سخاوت کشیده تر نکنی
Ба ҳеҷ кони надиҳад низ каси нишони гавҳар
به هیچ کان ندهد نیز کس نشان گوهر
Хрўаҳи адли ту то пар задаст дар олам
خروه عدل تو تا پر زدست در عالم
Ба ҷои байзаи ниҳодаи сети мокиёни гавҳар
به جای بیضه نهاده ست ماکیان گوهر
Туе ки ҳаргизи перояи дор ғайб надошт
تویی که هرگز پیرایه دار غیب نداشت
Ба аз вуҷӯди ту дар ҳуққаи замони гавҳар
به از وجود تو در حقۀ زمان گوهر
Замини малики ту пар гавҳараст ва нест аҷаб
زمین ملک تو پر گوهر است و نیست عجب
Ки ақди ҷоҳи туро ҳаст осмони гавҳар
که عقد جاه تو را هست آسمان گوهر
Зиҳии замона ки баъд аз ҳазор меҳнату ранҷ
زهی زمانه که بعد از هزار محنت و رنج
Марои ниҳодаи зи мадҳи ту дар даҳони гавҳар
مرا نهاده ز مدح تو در دهان گوهر
Замона гарчи бёзордм наяндозад
زمانه گرچه بیازاردم نیندازد
Касе ниФкнд аз дасти ройгони гавҳар
کسی نیفکند از دست رایگان گوهر
Агар чаҳ мавҷ баровард солҳо дарё
اگر چه موج برآورد سالها دریا
Ба ҳеҷ вақти ниФкнд бар карони гавҳар
به هیچ وقت نیفکند بر کران گوهر
Қасидае ки ба мадҳ ту гуфт банда чу дар
قصیده ای که به مدح تو گفت بنده چو دُر
Радифи сохташ аз баҳри имтиҳони гавҳар
ردیف ساختش از بهر امتحان گوهر
Дарин диёри басӣ шоирон боҳунаранд
درین دیار بسی شاعران باهنرند
Ки нури фикрат эшон диҳад ба кони гавҳар
که نور فکرت ایشان دهد به کان گوهر
Сазад ба назми чунин гавҳар ар кунанд қиём
سزد به نظم چنین گوهر ار کنند قیام
Аз онки хуби намояд ба тавъамони гавҳар
از آنک خوب نماید به توأمان گوهر
Ҳамеша то ки ба ҳангоми нави баҳори саҳоб
همیشه تا که به هنگام نو بهار سحاب
Кунад нисор бар атрофи бӯстони гавҳар
کند نثار بر اطراف بوستان گوهر
Нисори маҷлисат аз чархи гавҳарии бодо
نثار مجلست از چرخ گوهری بادا
Ки дар ҳисоб наёяд баҳоии он гавҳар
که در حساب نیاید بهای آن گوهر