Манам имрӯзу дилии зондаҳи гетӣ ба ду ним

منم امروز و دلی زانده گیتی به دو نیم

Бим онаст ҳанузам ки ба ҷон бошад бим

بیم آنست هنوزم که به جان باشد بیم

На марои маскану моўӣ , на марои хонау ҷой

نه مرا مسکن و ماوی،نه مرا خانه و جای

На марои мӯнису ғмхўр , на марои ёрӯи надим

نه مرا مونس و غمخور،نه مرا یارو ندیم

Брдлми ҳасрати асҳоби балоеи сети бузург

بردلم حسرت اصحاب بلایی ست بزرگ

Бар танами фурқати аҳбоби азобӣ сет ?илем

بر تنم فرقت احباب عذابی ست الیم

Ки гумони барад ки уфтами ман мискини ҳаргиз

که گمان برد که افتم من مسکین هرگز

Ба чунин ранҷу машаққати зи чунон нозу Наим ?

به چنین رنج و مشقت ز چنان ناز و نعیم؟

Чу Ни зи зар ёд кунам чеҳра барафшонад зар

چو ن ز زر یاد کنم چهره برافشاند زر

Вари ғам сим хӯрам дидаи Фрўризди сим

ور غم سیم خورم دیده فروریزد سیم

Шаби ситораи шимурам бар ду рухам зон бошад

شب ستاره شمرم بر دو رخم زان باشد

Захми нохун чу ҳуруфӣ ки буд бар тақвим

زخم ناخن چو حروفی که بود بر تقویم

Ҳоли худ пеш ки гӯям ман мазлӯми ғариб ?

حال خود پیش که گویم من مظلوم غریب؟

Чораи худ з ки ҷӯям ман ранҷури сқим ?

چاره خود ز که جویم من رنجور سقیم؟

Гирди ман лашкари андӯҳи чунон анбӯҳ аст

گرد من لشکر اندوه چنان انبوه است

Ки ҳамеи роҳи наёбади сӯии ман боди насим

که همی راه نیابد سوی من باد نسیم

Аз чунин меҳнату ғам ҷон натавон баради магар

از چنین محنت و غم جان نتوان برد مگر

Ки фалак боз шавад муттафиқи айёми раҳим

که فلک باز شود متفق ایام رحیم

Зотши меҳнати ман гул бидамад гар хоҳад

زآتش محنت من گل بدمد گر خواهد

Тоҷи дайн , муфаххари аҳрори ҷаҳон , иброҳӣм

تاج دین،مفخر احرار جهان،ابراهیم

Он ки бо суръат азмаш набӯд боди аҷул

آن که با سرعت عزمش نبود باد عجول

Вон ки бо соя ҳлмш набӯд кӯҳи ҳалим

وآن که با سایه حلمش نبود کوه حلیم

Он ки ӯ бар фалаки ҷоҳ чу бадарии сети мунир

آن که او بر فلک جاه چو بدری ست منیر

Вон ки ӯ дар садафи малик чу дарии сети ятем

وآن که او در صدف ملک چو دری ست یتیم

Табъ ӯро зи латофати сифати лафзи Масеҳ

طبع او را ز لطافت صفت لفظ مسیح

Каф ӯро зи кифояти асар даст кулем

کف او را ز کفایت اثر دست کلیم

Гарна файзи караму ъотФт ӯ будӣ

گرنه فیض کرم و عاطفت او بودی

Гуфтамӣ дар ҳама офоқ намонда сети Карим

گفتمی در همه آفاق نمانده ست کریم

Гарчи дар навбат ӯ буд ҷаҳонро тохир

گرچه در نوبت او بود جهان را تاخیر

Ҳаст бар зоти фалаки ҳиммат ӯро тақдим

هست بر ذات فلک همت او را تقدیم

эй аз он мартаба бигузашта ки аз густохӣ

ای از آن مرتبه بگذشته که از گستاخی

Осмони ёди ҷалол ту кунад бе таъзим

آسمان یاد جلال تو کند بی تعظیم

Даҳр бо ҷӯади ту муфлис буду чархи ?данӣ

دهر با جود تو مفلس بود و چرخ دنی

Абр бо базли ту мадхал буду баҳри лӣим

ابر با بذل تو مدخل بود و بحر لئیم

Мунтазам бо кафи дарбори ту асбоби ҳаёт

منتظم با کف دربار تو اسباب حیات

Мунташир дар сари шамшери ту осори ҳаҷем

منتشر در سر شمشیر تو آثار حجیم

Хасми ту гарчи мусаллам будаш малики ҷаҳон

خصم تو گرچه مسلم بودش ملک جهان

Ба саломат наҷаҳд то накунад ҷони таслим

به سلامت نجهد تا نکند جان تسلیم

Буд дар банди вуҷӯди ту фалаки умри дароз

بود در بند وجود تو فلک عمر دراز

Буд мавқуфи ҳузури ту ҷаҳони аҳди қадим

بود موقوف حضور تو جهان عهد قدیم

Гули сад барг чигуна дамад аз хоки сиёҳ

گل صد برگ چگونه دمد از خاک سیاه

Гарна рой ту диҳад боди саборо таълим ?

گرنه رای تو دهد باد صبا را تعلیم؟

Сатҳи аълои фалак гарчи муҳӣтаст ба кул

سطح اعلای فلک گرچه محیط است به کل

Ҳаст дар доираи қади ту чун нуқтаи ҷим

هست در دایره قد تو چون نقطه جیم

То ҷаҳони гоҳ ба роҳат гузарад гоҳ ба ранҷ

تا جهان گاه به راحت گذرد گاه به رنج

Водмии гоҳи мусофир буду гоҳи муқӣм

وادمی گاه مسافر بود و گاه مقیم

То абади пеши ту иқбол , раҳеи бод ва раҳин

تا ابد پیش تو اقبال، رهی باد و رهین

Қомати ҷоҳи ту то ҳашари қавии боду қавӣам

قامت جاه تو تا حشر قوی باد و قویم

Арсаи малики ту аз амн чу атрофи ҳарам

عرصه ملک تو از امن چو اطراف حرم

Хоки даргоҳи ту аз фахр чу арқони ҳтим

خاک درگاه تو از فخر چو ارکان حطیم