Зиҳии гушӯдаи зи табъи ту чашмасор сухан

زهی گشوده ز طبع تو چشمه سار سخن

Шукуфта дар чамани хотирати баҳори сухан

شکفته در چمن خاطرت بهار سخن

Ба гӯшу гардани ҳурони фикр бар баста

به گوش و گردن حوران فکر بر بسته

Ба расми зеварашон дар шоҳвори сухан

به رسم زیورشان دُرّ شاهوار سخن

Пиёда монад зи ту ҳар суханвар аз паии онк

پیاده ماند ز تو هر سخنور از پی آنک

Туе муборизи таҳқиқу шаҳсавори сухан

تویی مبارز تحقیق و شهسوار سخن

Ба нӯки хомаи фикрати сўрнгори бадеъ

به نوک خامه فکرت صورنگار بدیع

Гирифтаи гулшани арвоҳ дарнигор сухан

گرفته گلشن ارواح در نگار سخن

Нуфӯзи ҷумлаи сухани ҳеҷ гашт ва қалб намӯд

نفوذ جمله سخن هیچ گشت و قلب نمود

Ки неки неки биФзўдаҳ эй айёри сухан

که نیک نیک بیفزوده ای عیار سخن

Ба дасти ту сети Аннани сухани биҷузи дастат

به دست تو ست عنان سخن بجز دستت

Набинӣ аз сари таҳқиқ дар маҳори сухан

نبینی از سر تحقیق در مهار سخن

Срокобру садри Ироқ , мҷдолдин

سراکابر و صدر عراق،مجدالدین

Агар на табъи ту гаштӣ ба лутфи ёри сухан

اگر نه طبع تو گشتی به لطف یار سخن

зи дасти рафтаи бадӣ , пои марду сарвари аср

ز دست رفته بُدی،پای مرد و سرور عصر

Чу кори ҷӯаду сахо дар замонаи кори сухан

چو کار جود و سخا در زمانه کار سخن

Ту тоза кардӣ ллаҳи дарак , эй тоӣ

تو تازه کردی لله دَرُّک،ای طایی

Ба шабнами кафи пари жола , лолаи зори сухан

به شبنم کف پر ژاله،لاله زار سخن

Шиори хомаи шаръи ту бад ба шеър , валек

شعار خامه شرع تو بُد به شعر،ولیک

Ҳамеи нзибди некӯи туро шиори сухан

همی نزیبد نیکو تو را شعار سخن

зи сатҳи қулзуми табъу дилат тасоуд кард

ز سطح قلزم طبع و دلت تصاعد کرد

Равон ватару баланд , абри обдори сухан

روان و ترّ و بلند، ابر آبدار سخن

Ба теғ фазл гушӯдӣ ҷаҳони омири назм

به تیغ فضل گشودی جهان عامر نظم

Ба ҷоҳ ақл шудӣ шоҳ , дар диёри сухан

به جاه عقل شدی شاه،در دیار سخن

Туро сахоу сухани неки зери даст шудаи сет

تو را سخا و سخن نیک زیر دست شده ست

Ки шаҳсавори сахоеу шаҳриёри сухан

که شهسوار سخایی و شهریار سخن

Ҳамеша то ки буд аз раҳи табиати асл

همیشه تا که بود از ره طبیعت اصل

Ба нафаси нотиқаи ночори аФтқори сухан

به نفس ناطقه ناچار افتقار سخن

Туро биҷузи бадали хеш аФтқор мабод

تو را بجز بدل خویش افتقار مباد

Ки ҳаст табъу дилати марказу мадори сухан

که هست طبع و دلت مرکز و مدار سخن