Сипеҳри фазлу ҷаҳони ҳунари разии аддӣн

سپهر فضل و جهان هنر رضی الدین

Туе ки ҳиммат ту ҳаст бо фалаки ҳамзод

تویی که همت تو هست با فلک همزاد

Ту онкасӣ ки бибинад талиъаи ҳзмт

تو آنکسی که ببیند طلیعه حزمت

Камӣни оташи мавҳум дар дили пӯлод

کمین آتش موهوم در دل پولاد

Ба хизмати ту дарин чанд рӯзи байтии даҳ

به خدمت تو درین چند روز بیتی ده

Навишта будаму аҳвол хеш дода ба ёд

نوشته بودم و احوال خویش داده به یاد

Магар ба чашм ризо нанигаред рои рафеъ

مگر به چشم رضا ننگرید رای رفیع

Ки ҳеҷ гӯна ба ташрифи ман мисоли надод

که هیچ گونه به تشریف من مثال نداد

Валикин аз роҳи инсоф давр натавон буд

ولیکن از راه انصاف دور نتوان بود

Дарин муомила алҳақ маро хато афтод

درین معامله الحق مرا خطا افتاد

Бизоъатӣ набӯд шеъри хоссаи гқтаҳи ман

بضاعتی نبود شعر خاصه گقته من

Ки пеш чун ту бузургии тавон ба тӯҳфаи ниҳод

که پیش چون تو بزرگی توان به تحفه نهاد

Касе ки қатраи шабнам ба пеши абри барад

کسی که قطره شبنم به پیش ابر برد

Чу хок бошад бунёди саъй ӯ бар бод

چو خاک باشد بنیاد سعی او بر باد

Туро ки чашмаи оби ҳаёт дар даҳан аст

تو را که چشمه آب حیات در دهن است

Куҷо ба ҷуръаи нақши сароби гардии шод

کجا به جرعه نقش سراب گردی شاد

Гуҳӣ ки гесуии худро гиреҳ занад ризвон

گهی که گیسوی خود را گره زند رضوان

Сазад ки ёд наёрад зи турраи шамшод

سزد که یاد نیارد ز طره شمشاد

Валикин аз сари тасдиқи ваъдаи карамат

ولیکن از سر تصدیق وعده کرمت

Сазад ки ҷони хароб маро кунад обод

سزد که جان خراب مرا کند آباد

Ба сад шиками амли ман шудаи сети обистан

به صد شکم امل من شده ست آبستن

зи ваъда ту надонам ки то чаҳ хоҳад зод

ز وعده تو ندانم که تا چه خواهد زاد

Чу гуфтам он гиреҳи баста зуд бигушоед

چو گفتم آن گره بسته زود بگشاید

Гиреҳ ба сад шуд ва як ҷӯ аз он гиреҳ накушод

گره به صد شد و یک جو از آن گره نگشاد

Ту кори ман зи карам гар бисозӣ ва гарна

تو کار من ز کرم گر بسازی و گرنه

Ҳамеша пеши ту асбоби айши сохтаи бод

همیشه پیش تو اسباب عیش ساخته باد

Ба даст ман набӯд ҷузи дуо ки ме гӯям

به دست من نبود جز دعا که می گویم

Ба ғайбат ва ба ҳузурат ки эзадати бдҳод

به غیبت و به حضورت که ایزدت بدهاد

Ҳазор бандаи ҳамаи сару қаду симин бар

هزار بنده همه سر و قد و سیمین بر

Ки то ягону дугон дар тараб кунӣ озод

که تا یگان و دوگان در طرب کنی آزاد