Хдоигоно ҷое раседӣ аз рифъат

خدایگانا جایی رسیدی از رفعت

Ки чархи пояи қадари ту дрнмӣ ёбад

که چرخ پایه قدر تو درنمی‌یابد

зи офтоби аҷаб мондаам ки май тобад

ز آفتاب عجب مانده‌ام که می‌تابد

Магари зи нури замират хабар намеёбад ?

مگر ز نور ضمیرت خبر نمی‌یابد؟

Ба даргоҳи ту муқӣмаст фатҳ аз онкӣ ба ҳақ

به درگاه تو مقیم است فتح از آنکه به حق

Чу даргаи ту мақом дигар наме ёбад

چو درگه تو مقام دگر نمی‌یابد

Туе ки нусрати динӣ ва бар мхлоФи дайн

تویی که نصرت دینی و بر مخلاف دین

Ба ҷузи зи теғи ту давлат зафар наме ёбад

به جز ز تیغ تو دولت ظفر نمی‌یابد

зи бими ханҷари кшўргшои ту бадхоҳ

ز بیم خنجر کشورگشای تو بدخواه

Чу бахти ту нафасии хоб ва хур наме ёбад

چو بخت تو نفسی خواب و خور نمی‌یابد

Чу тири чори парт аз камон равона шавад

چو تیر چار پرت از کمان روانه شود

Ба ҷузи ду чашми аду раҳгузар наме ёбад

به جز دو چشم عدو رهگذر نمی‌یابد

Адуӣ бесар ва по мекашад сар аз хати ту

عدوی بی‌سر و پا می‌کشد سر از خط تو

Чу май барад ба каллаи даст сар наме ёбад

چو می‌برد به کله دست سر نمی‌یابد

Касе ки кон сухан мекунад ба баҳри улӯм

کسی که کان سخن می‌کند به بحر علوم

Ба ҷузи мҳомди ҷавдат гуҳар наме ёбад

به جز مَحامِدِ جودت گهر نمی‌یابد

Чу мӯҷибаст ки бар ҷои ман сахои ту ро

چو موجب است که بر جای من سخای تو را

Нўолаҳи вақти хӯриши ҷуз ҷигар намеёбад ?

نواله وقت خورش جز جگر نمی‌یابد؟

Гузашти умрии тобандаи ?ути Заҳири надим

گذشت عمری تابنده‌ات ظهیر ندیم

зи сояи ту ба раҳмат назар намеёбад ?

ز سایه تو به رحمت نظر نمی‌یابد؟