эй фалак қадре ки ҳар шаби рои рӯи шинат
ای فلک قدری که هر شب رای رو شنت
Дидбонони уфуқро дидаҳо ҳайрон кунад
دیدبانان افق را دیده ها حیران کند
Офариниш чун қалами сар бар хати фармон наад
آفرینش چون قلم سر بر خط فرمان نهد
Чун дабир хос науммат бар сар фармон кунад
چون دبیر خاص نامت بر سر فرمان کند
Ҷоҳат ар гирад ҳазизи моҳро дар иҳтимом
جاهت ار گیرد حضیض ماه را در اهتمام
Аз камоли рифъаташ чун зрўаҳ кайвон кунад
از کمال رفعتش چون ذروه کیوان کند
Захмҳои чархро анъоми ту марҳам наад
زخمهای چرخ را انعام تو مرهم نهد
Дардҳои зулмро инсофи ту дармон кунад
دردهای ظلم را انصاف تو درمان کند
Сӯрати иқболи номи ъзи дайни яҳёи барад
صورت اقبال نام عز دین یحیی برد
Ҳркҷои аҳёءи расми рأФт ва эҳсон кунад
هرکجا احیاء رسم رأفت و احسان کند
Мисри ҷомеъи гашти табриз аз қудуми фаррухат
مصر جامع گشت تبریز از قدوم فرخت
Кӯи азизи Миср то тақрири ин бурҳон кунад ?
کو عزیز مصر تا تقریر این برهان کند؟
Мамлакат бо нури адлу сояи иқболи ту
مملکت با نور عدل و سایه اقبال تو
Шарм дорадгар ҳадиси адли нав ширвон кунад
شرم دارد گر حدیث عدل نوشروان کند
Адли ҳам дар бадв фитрат дид коед дар замин
عدل هم در بدو فطرت دید کاید در زمین
Лутфу қаҳратро далели нусрат ва хизлон кунад
لطف و قهرت را دلیل نصرت و خذلان کند
Ҷусту ҷӯии пояи қудрат ки номумкинаст
جست و جوی پایه قدرت که ناممکنست
Соликони чархро зини гӯна саргардон кунад
سالکان چرخ را زین گونه سرگردان کند
Тӯл ва арзӣ нест оламро ки асби ҳимматат
طول و عرضی نیست عالم را که اسب همتت
Бар муроди хеши икчндии дарав ҷавлон кунад
بر مراد خویش یکچندی درو جولان کند
Накҳати халқу насими маҷлисат аз хуррамӣ
نکهت خلق و نسیم مجلست از خرمی
Ҳар замон рӯй замин чун равза ризвон кунад
هر زمان روی زمین چون روضه رضوان کند
Ҳарчӣ озораст унфат аз ҷаҳони беруни барад
هرچه آزارست عنفت از جهان بیرون برد
Ҳар чаҳ душвораст лутфат бар фалак осон кунад
هر چه دشوار است لطفت بر فلک آسان کند
Каъбаи иқбол дар гоҳ ту омад зон қабл
کعبه اقبال در گاه تو آمد زان قبل
Рӯзу шаби гардуни тавофаш аз бен дандон кунад
روز و شب گردون طوافش از بن دندان کند
Бо абади даврони умрати муттасили бодо чунонк
با ابد دوران عمرت متصل بادا چنانک
Даври доимро қазои пайванди ин даврон кунад
دور دایم را قضا پیوند این دوران کند
То ту ҳар рӯз аз нишоту хуррамӣ идӣ кунӣ
تا تو هر روز از نشاط و خرمی عیدی کنی
Ва осмон ҳар лаҳзаи пешати душманӣ қурбон кунад ?
و آسمان هر لحظه پیشت دشمنی قربان کند؟