эй хусравӣ ки аз туфи теғи ту дар набард
ای خسروی که از تف تیغ تو در نبرد
Ҷон аду фитад чу дили шамъ дар гудоз
جان عدو فتد چو دل شمع در گداز
Ҳарҷо ки май рӯй зафари андар рикоб туаст
هرجا که می روی ظفر اندر رکاب توست
Дар ҳеҷ манзил аз ту нахоҳад фитод боз
در هیچ منزل از تو نخواهد فتاد باز
Дигар шаккӣ намонад ҷаҳонро дарин ки ҳаст
دیگر شکی نماند جهان را درین که هست
Шоҳии туро ҳақиқату хасми туро муҷоз
شاهی تو را حقیقت و خصم تو را مجاز
Дар малики вориси падар ва ъам туе аз онк
در ملک وارث پدر و عم تویی از آنک
Ҳаст аз ту ҷон ъаму падар дар Наиму ноз
هست از تو جان عم و پدر در نعیم و ناز
Султон касе буд ки ту бахшяши тоҷу тахт
سلطان کسی بود که تو بخشیش تاج و تخت
Лашкар касе кашад ки ту созяши баргу соз
لشکر کسی کشد که تو سازیش برگ و ساز
Ҳамчун намоз панҷ сазад навбати ту зонк
همچون نماز پنج سزد نوبت تو زانک
Бар халқи тоъати ту фаризаи сет чун намоз
بر خلق طاعت تو فریضه ست چون نماز
Бодо бар остини зафар то ба рӯзи ҳашар
بادا بر آستین ظفر تا به روز حشر
Бӯи бкрбни мҳмдбни элади гази тароз
بو بکربن محمدبن ایلد گز طراز