Дрбғу дард ки аз кед фитнаи гардун
دریغ و درد که از کید فتنهٔ گردون
Бишуд сабурии азмои чўшди сабурии мо
بشد صبوری ازما چوشد صبوری ما
Дареғ аз он дили огоҳу хотири доно
دریغ از آن دل آگاه و خاطر دانا
Ки брдрнди зи ғами ҷомаи сабурии мо
که بردرند ز غم جامه صبوری ما
Сабурии он малики шоирон Тӯс бирафт
صبوری آن ملک شاعران طوس برفت
Ба хонақоҳ ғам омад дили сарварии мо
به خانقاه غم آمد دل سروری ما
Танам бсухт зи андӯҳи ҳиҷру даврӣ ӯ
تنم بسوخت ز اندوه هجر و دوری او
Чигуна сохт надонам ба ҳиҷру даврии мо
چگونه ساخت ندانم به هجر و دوری ما
Чу нур босираамад зи чашми мо пинҳон
چو نور باصره امد ز چشم ما پنهان
Фиғону нола ки шуд даври даври кӯрии мо
فغان و ناله که شد دور دور کوری ما
Баҳор бо дили ғамгини худ чунин ме гуфт
بهار با دل غمگین خود چنین می گفت
Ки мисраӣаст ба таърих ӯ зарурии мо
که مصرعی است به تاریخ او ضروری ما
Сиррии з ҷон баровард ва ин чунин ба сурӯд
سری ز جان برآورد و این چنین بهسرود
Бишуд сабурӣ аз мо чу шуд сабурии мо
بشد صبوری از ما چو شد صبوری ما