Зулфи мишкӣни ту аз меҳр чу шайдоӣ ту нест

زلف مشکین تو از مهر چو شیدای تو نیست

Кист каз меҳри ту чун зулфи ту шайдоӣ ту нест

کیست کز مهر تو چون زلف تو شیدای تو نیست

То бидон ҳад ба ғами ишқи ту шайдо шуда ам

تا بدان حد به غم عشق تو شیدا شده ام

Ки диламро зи ғами ишқи ту пурвой ту нест

که دلم را ز غم عشق تو پروای تو نیست

Даврам аз рӯй ту давр , оҳ ки аз даврии ту

دورم از روی تو دور، آه که از دوری تو

Нест онем ки машғӯли тамошоӣ ту нест

نیست آنیم که مشغول تماشای تو نیست

Дили пари дарди ман аз васл ба дармони мрсод

دل پر درد من از وصل به درمان مرساد

Ки ҳамаи рӯз бар умеди мудовоӣ ту нест

که همه روز بر امید مداوای تو نیست

Рухи узрои ту он нақши намояд ки азу

رخ عذرای تو آن نقش نماید که ازو

Вомиқӣ нест ки аз шшдри узроӣ ту нест

وامقی نیست که از ششدر عذرای تو نیست

Ба қавом ?назарет ёфт қавоми назарӣ

به قوام نظرت یافت قوام نظری

Ки таниш дар ҳамаи ҷои ҷуз ба таваллоӣ ту нест

که تنش در همه جا جز به تولای تو نیست

Гуфта будӣ зи вафо рӯй чаро тофтае ?

گفته بودی ز وفا روی چرا تافته ای؟

Кофарами кофари аги рои дилами рой ту нест

کافرم کافر اگ رای دلم رای تو نیست

зи сари поки ту безорам ва аз хизмати шоҳ

ز سر پاک تو بیزارم و از خدمت شاه

Гар дилами сӯхтаи сӯзиши савдоӣ ту нест

گر دلم سوخته سوزش سودای تو نیست

Сайфи дайни қутби ҳудои муфаххари офоқ ки чарх

سیف دین قطب هدی مفخر آفاق که چرخ

Гуфтгар чархи манам меҳр ба ҷузи рой ту нест

گفت گر چرخ منم مهر به جز رای تو نیست

Бози иқбол ки насрин фалак ме гуяд

باز اقبال که نسرین فلک می گوید

эй ҳумое ки ба ҷузи фарқи фалаки ҷой ту нест

ای همایی که به جز فرق فلک جای تو نیست

Ончунон шамъи ҷаҳонӣ ки ба шамъи фалакӣ

آنچنان شمع جهانی که به شمع فلکی

Сояи заррае аз нури мълоӣ ту нест

سایه ذره ای از نور معلای تو نیست

Дар нҳонхонаҳи гардуни зи баду неки ҷаҳон

در نهانخانه گردون ز بد و نیک جهان

Ҳеҷ асрор ниҳон нест ки пайдоӣ ту нест

هیچ اسرار نهان نیست که پیدای تو نیست

Шахси умед , аз осеб , фалак ҳол шудаст

شخص امید، از آسیب، فلک حال شدست

Врчаҳи рӯҳаш ба ҷуз аз боди масеҳоӣ ту нест

ورچه روحش به جز از باد مسیحای تو نیست

Зулми гардуни зи ҷафои хонаи ту дом кашид

ظلم گردون ز جفا خانه تو دام کشید

Дафъи он зулм ба ҷузи адли мўФоӣ ту нест

دفع آن ظلم به جز عدل موفای تو نیست

Бо чунин зулмати ғам , вой ки аҳволи маро

با چنین ظلمت غم، وای که احوال مرا

Назари ҳиммату нури яди Байзоӣ ту нест

نظر همت و نور ید بیضای تو نیست

Гавҳарати ақди бақои бод ки алмоси фано

گوهرت عقد بقا باد که الماس فنا

Шефтаи қаҳр ба ҷузи гавҳари аълоӣ ту нест

شیفته قهر به جز گوهر اعلای تو نیست

Мақтаи даври фалаки мавқифи даврони ту бод

مقطع دور فلک موقف دوران تو باد

Ки дили ҳечкасӣ воқифи пайдоӣ ту нест

که دل هیچکسی واقف پیدای تو نیست