Дод дилам ба дасти ғами турраи дилрабои ту

داد دلم به دست غم طره دلربای تو

Барад ба арзи бӯсаи ҷони оризи ҷонФзои ту

برد به عرض بوسه جان عارض جانفزای تو

Гар дилу ҷони з даст шуд ғам нахӯрам барои худ

گر دل و جان ز دست شد غم نخورم برای خود

Зонка чаҳ ҷон чаҳ хоки раҳ гар набӯд барои ту ?

زانکه چه جان چه خاک ره گر نبود برای تو

Дил ки буд ки дам занад то надиҳади муроди ту ?

دل که بود که دم زند تا ندهد مراد تو؟

Ҷон ки буд ки ҷон кунад то набӯд ризои ту ?

جان که بود که جان کند تا نبود رضای تو؟

Гар ту бидон хушӣ ки ман бе ту зи ту ҷафо барам

گر تو بدان خوشی که من بی تو ز تو جفا برم

Хуш биншин ки кардаам ҳрзи дил аз ҷафои ту

خوش بنشین که کرده ام حرز دل از جفای تو

Сӯхта дил макун марои бӯ ки ба ту сазо шавам

سوخته دل مکن مرا بو که به تو سزا شوم

Зонка набошад эй санами сӯхтаи дили сазои ту

زانکه نباشد ای صنم سوخته دل سزای تو

Ҳар чаҳ туоне аз бадӣ гар бикунӣ ба ҷои ман

هر چه توانی از بدی گر بکنی به جای من

Он на манам ки бад кунам то бузем ба ҷои ту

آن نه منم که بد کنم تا بزیم به جای تو

Гар зи ту лоф зад мҷир аз сари хашм дар гузар

گر ز تو لاف زد مجیر از سر خشم در گذر

Ба ки зи ту ба неку бад лоф занад гадои ту

به که ز تو به نیک و بد لاف زند گدای تو