Бозори шукри лаъли шукри бор ту бишикаст

بازار شکر لعل شکر بار تو بشکست

Номӯси фалаки ғамзаи хунхор ту бишикаст

ناموس فلک غمزه خونخوار تو بشکست

Бозори ту то гарм шуд аз заҳмати ушшоқ

بازار تو تا گرم شد از زحمت عشاق

Баси шишаи хӯнӣ ки ба бозор ту бишикаст

بس شیشه خونی که به بازار تو بشکست

Дар роҳи ту худ байн натавон буд ки ма ро

در راه تو خود بین نتوان بود که مه را

Бо хӯбии ту оина дар бор ту бишикаст

با خوبی تو آینه در بار تو بشکست

Ҷонӣ ки маро буд зи ғами ним шикаста

جانی که مرا بود ز غم نیم شکسته

Якбораи азин ноз ба харвор ту бишикаст

یکباره ازین ناز به خروار تو بشکست

Ҳар ақл ки сарф омад ва ҳар дил ки сафо дошт

هر عقل که صرف آمد و هر دل که صفا داشت

Дар кӯии ту вола шуд ва дар кор ту бишикаст

در کوی تو واله شد و در کار تو بشکست

Бе хори гулии мондае имрӯз ки айём

بی خار گلی مانده ای امروز که ایام

Сад тири маро дар ҷигар аз хор ту бишикаст

صد تیر مرا در جگر از خار تو بشکست

Гар ном шикастааст мҷир аз ту ғамӣ нест

گر نام شکسته است مجیر از تو غمی نیست

Бояд ки нгўинд ки зинҳор ту бишикаст

باید که نگویند که زنهار تو بشکست