То бастаи банди зулфи парешони кушода Эй
تا بسته بند زلف پریشان گشاده ای
Сад нофаи мшг бар гули хандони кушода Эй
صد نافه مشگ بر گل خندان گشاده ای
Моро ки даст бар раги сад дил ниҳода ем
ما را که دست بر رگ صد دل نهاده ایم
Дили бастае ба зулфу раги ҷони кушода Эй
دل بسته ای به زلف و رگ جان گشاده ای
Сина макун ба бастани дил зон қабл ки ту
سینه مکن به بستن دل زان قبل که تو
Дили бастае на малики хуросони кушода Эй
دل بسته ای نه ملک خراسان گشاده ای
Хндии зи гиряи ман ва онгаҳ гумони барӣ
خندی ز گریه من و آنگه گمان بری
Коби бақои зи чашмаи ҳайвони кушода Эй
کاب بقا ز چشمه حیوان گشاده ای
Бастем аҳд ки дил нашиканӣ дигар
بستیم عهد که دل نشکنی دگر
Чунаст пас ки гӯии гиребони кушодае ?
چونست پس که گوی گریبان گشاده ای؟
Гуфтем ки бар мҷири гушойӣ дар висол
گفتیم که بر مجیر گشایی در وصال
Ту ҳар чаҳ дар фироқи дурусти он кушода Эй
تو هر چه در فراق درست آن گشاده ای