Марои давои дили хастаи сохт хоҷаи рафеъ
مرا دوای دل خسته ساخت خواجه رفیع
Ба гавҳарии шабаҳи сӯрат ки кам з лؤлؤ нест
به گوهری شبه صورت که کم ز لؤلؤ نیست
Масеҳи вори лаби ҷон хуш бидон дил дод
مسیح وار لب جان خوش بدان دل داد
Ки дар ҷаҳони фарохи инчи танг трзў нест
که در جهان فراخ ایچ تنگ ترزو نیست
зи баҳри доруии ҷон гар дамем дод равост
ز بهر داروی جان گر دمیم داد رواست
Аз онкии моя исо дамаст дору нест
از آنکه مایه عیسی دمست دارو نیست
зи сина дар ҳақи ман нофаҳои мшги кушод
ز سینه در حق من نافه های مشگ گشاد
Чигуна ?мешегӣ аз онсон ки ҳеҷаш оҳӯ нест ?
چگونه مشگی از آنسان که هیچش آهو نیست؟
Дили маро ки шуд ангушти каш ба шайдое
دل مرا که شد انگشت کش به شیدایی
Биҷузи натиҷаи он дасти ҳрз бозу нест
بجز نتیجه آن دست حرز بازو نیست
Сиёҳи дили терм аз чашми лаъибатони хутан
سیاه دل ترم از چشم لعبتان ختن
Казу ба вақти сухани ҳамчуи ғамза ҷодӯ нест
کزو به وقت سخن همچو غمزه جادو نیست
Ба сар бар омадау пои бӯс чун гесуаст
به سر بر آمده و پای بوس چون گیسوست
зи фазлу хуии хуш ар чаҳ сараст ва гесу нест
ز فضل و خوی خوش ار چه سرست و گیسو نیست
Чу оризи ҳабашии доғи вори сӯхтаи бод
چو عارض حبشی داغ وار سوخته باد
Дилӣ ки бар дар фазлаши ғулом ҳиндӯ нест
دلی که بر در فضلش غلام هندو نیست
Бигӯ ки ҳаст назираши фалон ва ҷуфта манеҳ
بگو که هست نظیرش فلان و جفته منه
Ки навен ба чашми хиради ҷуфти тоқ абрӯ нест
که نون به چشم خرد جفت طاق ابرو نیست
Қисм ба каъба ки ҳам чорсў ва ҳам яктост
قسم به کعبه که هم چارسو و هم یکتاست
Ки мислаши аз бар ин къбтини шаш сӯ нест
که مثلش از بر این کعبتین شش سو نیست
Ба калаки лоғар ӯ сина кард доне ки ?
به کلک لاغر او سینه کرد دانی که؟
Замонаи кӯи зи ҳарифони чарб паҳлу нест
زمانه کو ز حریفان چرب پهلو نیست
Чу тири худро бар дар ниҳодаам зеро
چو تیر خود را بر در نهاده ام زیرا
Марои сазои камони саноаш неру нест
مرا سزای کمان ثناش نیرو نیست
зи бими хотир ӯ давртар нишинам азу
ز بیم خاطر او دورتر نشینم ازو
Ки ҷилваи хонаи шаҳбози ҷой тиҳу нест
که جلوه خانه شهباز جای تیهو نیست
Арӯси табъи ман аз ман ба нақди назми бхўост
عروس طبع من از من به نقد نظم بخواست
Бдодмш ки чунуи ҳечкас дарин ту нест
بدادمش که چنو هیچکس درین تو نیست
Бирав ки хотири ман ноз кам кунад зонаст
برو که خاطر من ناز کم کند زانست
Ки нақд беш баҳоу арӯс некӯ нест
که نقد بیش بها و عروس نیکو نیست
Дили мҷир чу зари захми хӯрдаи бод агар
دل مجیر چو زر زخم خورده باد اگر
Муъаллақ аз ғами ҳиҷронаш чун тарозу нест
معلق از غم هجرانش چون ترازو نیست
Мусалламаст ки дар ҳақ ӯ ба назм ва ба наср
مسلم است که در حق او به نظم و به نثر
Ба аз мҷири дарин хиттаи офарин гӯ нест
به از مجیر درین خطه آفرین گو نیست