Аз онҷо ки ҳақиқат кораст маъшӯқро аз ишқ ошиқ ораст зеро ки на судаст ва на зиён аммо ишқ мекӯшад то ошиқро дар назари маъшӯқи ораду ончии ишқи вуҷӯди ошиқро ҳадафи новак бало созад барои ин маънӣаст ки то ӯро манзур маъшӯқ кунад ва маъшӯқ бошад ки рӯй бадви оради алии алтъиини дарин мақоми фироқи бохтёри маъшӯқи тамомтар буд ва бо низомтар буд аз висоли бохтёри ошиқ зеро ки дар мақоми аввали ошиқ манзур мешавад вдри мақоми дуюм маҳҷӯр мешавад ва ин сиррӣ бузургаст дршнохти ихтиёр чун ояи ихлқи моишоءи вихтори дами даракаш агар висол ихтиёр кунад нурии нур ва агар фироқ ихтиёр кунад манзурии манзури лъмрии анзри алик . . Агар барои манзурӣ будӣ хуш будӣ :
از آنجا که حقیقت کارست معشوق را از عشق عاشق عارست زیرا که نه سودست و نه زیان اما عشق میکوشد تا عاشق را در نظر معشوق آرد و آنچه عشق وجود عاشق را هدف ناوک بلا سازد برای این معنی است که تا او را منظور معشوق کند و معشوق باشد که روی بدو آرد علی التعیین درین مقام فراق باختیار معشوق تمامتر بود و با نظامتر بود از وصال باختیار عاشق زیرا که در مقام اول عاشق منظور میشود ودر مقام دویم مهجور میشود و این سری بزرگ است درشناخت اختیار چون آیۀ یَخْلُقُ مایَشاءُ وَیختارُ دم درکش اگر وصال اختیار کند نوری نور و اگر فراق اختیار کند منظوری منظور لعمری اُنْظُرْ اِلَیْکَ.. اگر برای منظوری بودی خوش بودی:
Аз ҳастӣ худ агар гуҳии даври шӯй
از هستی خود اگر گهی دور شوی
Бар лашгари бихўдии ту Мансури шӯй
بر لشگر بیخودی تو منصور شوی
Нозир нашӯй агар ту бар лашкари ишқ
ناظر نشوی اگر تو بر لشکر عشق
Ин бас бошад туро ки манзури шӯй
این بس باشد ترا که منظور شوی