То дасти шона дар шикани зулфи ёр буд

تا دست شانه در شکن زلف یار بود

Рӯзами зи ршги тира чу шабҳои тор буд

روزم ز رشگ تیره چو شب‌های تار بود

Гардӣда сурх ҳар мижаи мо зи хӯни дил

گردیده سرخ هر مژه ما ز خون دل

Пайвастаи дасту дидаи мо дарнигор буд

پیوسته دست و دیده ما در نگار بود

Ваҳшат тамом рафт зи ёди ғизол ҳо

وحشت تمام رفت ز یاد غزال‌ها

Ҳаргоҳ дар сари ту ҳавои шикор буд

هرگاه در سر تو هوای شکار بود

Ороми расми куштаи шамшер ноз нест

آرام رسم کشته شمشیر ناز نیست

Гар тан қарор ёфта ҷон беқарор буд

گر تن قرار یافته جان بی‌قرار بود

Лаби ташнае ба водӣ ҳиҷрон намонда буд

لب‌تشنه‌ای به وادی هجران نمانده بود

Аз бас ки тири ғамза ӯ оби дор буд

از بس که تیر غمزه او آب‌دار بود

Шуд дидаам ба даври хаташи ашки резтар

شد دیده‌ام به دور خطش اشک‌ریزتر

Зобу ҳавои ишқи хазон дар баҳор буд

زآب و هوای عشق خزان در بهار بود

Дил кард ончӣ кард ки доғаши насиби бод

دل کرد آنچه کرد که داغش نصیب باد

Хӯнӣ ки рехти дида на аз интизор буд

خونی که ریخت دیده نه از انتظار بود

Ханҷар ба ҳам кашида ду чашмами з диданат

خنجر به هم کشیده دو چشمم ز دیدنت

Хуши фитнае зи ҳасани ту дар рӯзгор буд

خوش فتنه‌ای ز حسن تو در روزگار بود

Қассоб гуфтааст ба ҷои шукри калом

قصاب گفته است به جای شکر کلام

Қаннодии маҳалла ӯ зулфиқор буд

قنادی محله او ذوالفقار بود