Сӯхтам аз ҳиҷр то ҷонон ба фарёдам расад
سوختم از هجر تا جانان به فریادم رسد
Сохтам бо дард то дармон ба фарёдам расад
ساختم با درد تا درمان به فریادم رسد
Моҳӣ эй аз ҷаври тӯфон бар канор афтода ам
ماهیای از جور طوفان بر کنار افتادهام
Май тпм дар хок то Аммон ба фарёдам расад
میطپم در خاک تا عمان به فریادم رسد
Бо дили сад чок дар дунболи маҳмил чун ҷарас
با دل صد چاک در دنبال محمل چون جرس
Сар ба зону мондаам коФғон ба фарёдам расад
سر به زانو ماندهام کافغان به فریادم رسد
Булбули нолони роҳи гулистон гум карда ам
بلبل نالان راه گلستان گم کردهام
Кӣ буд кӣ ғунчаи хандон ба фарёдам расад
کی بود کی غنچه خندان به فریادم رسد
Ҳосили кишти муродам дар ҷаҳон пажмурда монад
حاصل کشت مرادم در جهان پژمرده ماند
Шояд абри дидаи гирён ба фарёдам расад
شاید ابر دیدهٔ گریان به فریادم رسد
Май рӯм чун хок аз ҷои кандаи пешопеши бод
میروم چون خاک از جا کنده پیشاپیش باد
То куҷои он оташини ҷавлон ба фарёдам расад
تا کجا آن آتشین جولان به فریادم رسد
Баҳри марвориди раҳмати зери обӣ чун садаф
بهر مروارید رحمت زیر آبی چون صدف
Май рӯм то қатраи Нитсаон ба фарёдам расад
میروم تا قطره نیسان به فریادم رسد
Гарданамро дар каманд оварда даҳри кӣнаи хоҳ
گردنم را در کمند آورده دهر کینهخواه
Шаҳсавори арсаи майдон ба фарёдам расад
شهسوار عرصه میدان به فریادم رسد
Чашм он дорам ки чун дар ҳашар бурдорам фиғон
چشم آن دارم که چون در حشر بردارم فغان
Бе таъаммули соҳиби девон ба фарёдам расад
بیتأمل صاحب دیوان به فریادم رسد
Ҳамчуи бсмл дар буриши қассоби сарро бар замин
همچو بسمل در برش قصاب سر را بر زمین
Май занам то онкӣ дорам ҷон ба фарёдам расад
میزنم تا آنکه دارم جان به فریادم رسد