Ба посбонии як қатраи оби гавҳари хеш

به پاسبانی یک قطره آب گوهر خویش

Ба ҳар ду дасти нигаҳдор чун садафи сари хеш

به هر دو دست نگهدار چون صدف سر خویش

Хуши он замон ки ба қасди ҳавои кишвари хеш

خوش آن زمان که به قصد هوای کشور خویش

Гуҳии буруни зи шикоф қафас кунам сари хеш

گهی برون ز شکاف قفس کنم سر خویش

Нашуд нишоти насибам чу сайд дом шудам

نشد نشاط نصیبم چو صید دام شدم

Магар ба вақти тпидн ба ҳам занами пари хеш

مگر به وقت طپیدن به هم زنم پر خویش

Гуҳӣ бидод зи дастами гуҳии бадарад аз по

گهی بداد ز دستم گهی بدرد از پا

Чаҳҳо наме кашам аз дасти нафаси кофари хеш

چه‌ها نمی‌کشم از دست نفس کافر خویش

Равад чу хомаи сараши як қалам ба боди фано

رود چو خامه سرش یک قلم به باد فنا

Қадам ҳронкаҳ гузорад буруни зи мстри хеш

قدم هرآنکه گذارد برون ز مسطر خویش

Аҷаби мубин ки сари мо ба осмон сояд

عجب مبین که سر ما به آسمان ساید

Аз онкии доғи туро кардаем афсари хеш

از آنکه داغ تو را کرده‌ایم افسر خویش

Ту қадари дил чаҳ шиносӣ ки дар муҳӣт , садаф

تو قدر دل چه شناسی که در محیط، صدف

Чаҳ эҳтимол ки донад баҳоии гавҳари хеш

چه احتمال که داند بهای گوهر خویش

зи ҷаври даҳр ба танги омадами басии қассоб

ز جور دهر به تنگ آمدم بسی قصاب

Барем дрддли хешро ба довари хеш

بریم درددل خویش را به داور خویش