намекунад бегунаҳам ҳар нафаси он ёри қисос
میکند بیگنهام هر نفس آن یار قصاص
Шукри ллаҳ ки дилам дид зи дидори қисос
شکر لله که دلم دید ز دیدار قصاص
Хастаро нест тавонои озор касе
خسته را نیست توانایی آزار کسی
намекунад чашми туам то шудаи бемори қисос
میکند چشم توام تا شده بیمار قصاص
Хор агар ҷавр ва ҷафо нест , аҷаби ҳайронам
خوار اگر جور و جفا نیست، عجب حیرانم
Ки чаро мекунадам он гул бе хори қисос
که چرا میکندم آن گل بیخار قصاص
Рост рӯ бош ки аз рӯзи бад эмин бошӣ
راسترو باش که از روز بد ایمن باشی
Каҷ рӯй ҳоаст ки мебинад аз он мори қисос
کجرویها است که میبیند از آن مار قصاص
Дили пуркӣнаи зи савҳони бадӣ ҳоаст биринҷ
دل پرکینه ز سوهان بدیها است برنج
Нест давр ар кашад ойӣнаи зи зангори қисос
نیست دور ار کشد آیینه ز زنگار قصاص
Эмин аз санги ҳаводис буд афтода ба роҳ
ایمن از سنگ حوادث بود افتاده به راه
намекашад , монад ҳар он мива ки дар бори қисос
میکشد، ماند هر آن میوه که در بار قصاص
Шиква аз гардиши айём чаҳ дории қассоб
شکوه از گردش ایام چه داری قصاب
намекашад дар ҳамаи ҷои толиби дидори қисос
میکشد در همه جا طالب دیدار قصاص