намерафтам бурун аз ҷодагар ҳушёр ме будам
نمیرفتم برون از جاده گر هشیار میبودم
Ба манзил май расидамгар шабӣ бедор ме будам
به منزل میرسیدم گر شبی بیدار میبودم
Дуруштии пайкарамро зери даст кӯҳкан дорад
درشتی پیکرم را زیر دست کوهکن دارد
намехӯрдам бар аъзои тешагар ҳамвор ме будам
نمیخوردم بر اعضا تیشه گر هموار میبودم
зи гардуни шикваи биҷо чаҳ гӯям зи ончӣ худ кардам
ز گردون شکوه بیجا چه گویم ز آنچه خود کردم
намебудам ғамингар хешро ғмхўор ме будам
نمیبودم غمین گر خویش را غمخوار میبودم
зи ғам чун шамъ аз шарҳи ғамати хомӯш май гаштам
ز غم چون شمع از شرح غمت خاموش میگشتم
Замонигар зи шуғли хештан бекор ме будам
زمانی گر ز شغل خویشتن بیکار میبودم
Ту он рӯзӣ ки бо рухсор чун гул дар чаман будӣ
تو آن روزی که با رخسار چون گل در چمن بودی
Чаҳ мешудгар ман он хори сар девор ме будам
چه میشد گر من آن خار سر دیوار میبودم
Ҷудо кӣ менамудем дигар аз дили акси ҷонон ро
جدا کی مینمودم دیگر از دل عکس جانان را
Агар ойӣнаи осои муҳаррам асрор ме будам
اگر آیینهآسا محرم اسرار میبودم
Ба пеши чашмами атрофи чаман май буд зиндонӣ
به پیش چشمم اطراف چمن میبود زندانی
Замонӣ бе тугар дар ҷониб гулзор ме будам
زمانی بیتو گر در جانب گلزار میبودم
Дар ин дайри куҳани қассоб назд зоҳидии ман ҳам
در این دیر کهن قصاب نزد زاهدان من هم
Агар май доштами сари соҳиб дастор ме будам
اگر میداشتم سر صاحب دستار میبودم