Шуд гарми таманнои ту савдои нигоҳам

شد گرم تمنای تو سودای نگاهم

Рӯ дод тамошои ту эй вои нигоҳам

رو داد تماشای تو ای وای نگاهم

Нашукуфта ҳанузам мижа чун ғунча дар ин боғ

نشکفته هنوزم مژه چون غنچه در این باغ

Каз боди фанои рехтаи гулҳои нигоҳам

کز باد فنا ریخته گل‌های نگاهم

Бунёди дил ғам задаро дода ба тӯфон

بنیاد دل غم‌زده را داده به طوفان

Ҳар мавҷ ки бархест зи дарёии нигоҳам

هر موج که برخاست ز دریای نگاهم

Аз заъфи буруни пои з мижгон нагузорад

از ضعف برون پای ز مژگان نگذارد

Холӣаст ба гирди нигаҳати ҷои нигоҳам

خالی است به گرد نگهت جای نگاهم

Аз ҷилваи мисатон қад кист ки имрӯз

از جلوه مستان قد کیست که امروز

Чун шуъла ба рақсаст саропои нигоҳам

چون شعله به رقص است سراپای نگاهم

Гардад ба суроғати нигаҳи он навъ ки оянд

گردد به سراغت نگه آن نوع که آیند

Дар ҳашари малоик ба тамошои нигоҳам

در حشر ملائک به تماشای نگاهم

Қассоб аз ин ҳарф шудам шод ки гуфтанд

قصاب از این حرف شدم شاد که گفتند

Аз қатраи ашк обила зад пои нигоҳам

از قطره اشک آبله زد پای نگاهم