Даруни ошён аз байза то ман сар баровардам
درون آشیان از بیضه تا من سر برآوردم
зи тири ғамзау бедоди хубон пар баровардам
ز تیر غمزه و بیداد خوبان پر برآوردم
Лабашро бо табассум ошно кардам ба меҳри охир
لبش را با تبسم آشنا کردم به مهر آخر
Ба қуллоби муҳаббати моҳӣ аз кавсар баровардам
به قلاب محبت ماهی از کوثر برآوردم
зи холи анбараши бӯеи гумон май доштам дар дил
ز خال عنبرش بویی گمان میداشتم در دل
Задам оташ ба худ то дӯд аз миҷмар баровардам
زدم آتش به خود تا دود از مجمر برآوردم
Дили сӯзони зи чашмами лухт лухт афтод бар домон
دل سوزان ز چشمم لختلخت افتاد بر دامان
Ба ҷои ашг аз ин дарёии хӯн озар баровардам
به جای اشگ از این دریای خون آذر برآوردم
Шикастами бастам аз бими нигоҳаши орзӯ дар дил
شکستم بستم از بیم نگاهش آرزو در دل
Кашам чун оҳи гӯйӣ аз ҷигар ханҷар баровардам
کشم چون آه گویی از جگر خنجر برآوردم
Ниҳоли боғи ҳрмонми гулам доғасту боРоми ғам
نهال باغ حرمانم گلم داغ است و بارم غم
Надидам фасли шодӣ аз замин то сар баровардам
ندیدم فصل شادی از زمین تا سر برآوردم
Маро шуд дидагони лабрези зи ашки гоҳи гоҳи дил
مرا شد دیدگان لبریز ز اشک گاهگاه دل
Ду дарёи об аз ин як қатра гавҳар баровардам
دو دریا آب از این یک قطرهٔ گوهر برآوردم
Надорам шикваи қассоб аз касе дар сӯхтани ҳаргиз
ندارم شکوه قصاب از کسی در سوختن هرگز
Чноросои зи ҷисми хештан озар баровардам
چنارآسا ز جسم خویشتن آذر برآوردم