Баҳр қатлам дод пайғомӣ ки ман май хостам

بهر قتلم داد پیغامی که من می‌خواستم

Аз лабаш ҳосил шуд он комӣ ки ман май хостам

از لبش حاصل شد آن کامی که من می‌خواستم

Аз ҷавоби талхи он ширини забон розӣ шудам

از جواب تلخ آن شیرین‌زبان راضی شدم

Буд дар ин қанди бодомӣ ки ман май хостам

بود در این قند بادامی که من می‌خواستم

Шуд даруни синаи нақши хотами дили доғи дор

شد درون سینه نقش خاتم دل داغ‌دار

Кард пайдои ин нигини номӣ ки ман май хостам

کرد پیدا این نگین نامی که من می‌خواستم

Сар зад аз гирди изори ёри хати дили фиреб

سر زد از گرد عذار یار خط دل‌فریب

Дар чаман густарда шуд домӣ ки ман май хостам

در چمن گسترده شد دامی که من می‌خواستم

Нолаи ҳамдам , оҳ , оташи бор , мижгон , хӯни чикон

ناله همدم، آه، آتش‌بار، مژگان، خون‌چکان

Дод охири он саранҷомӣ ки ман май хостам

داد آخر آن سرانجامی که من می‌خواستم

Гардиши чашмии зи як назораам мастона кард

گردش چشمی ز یک نظّاره‌ام مستانه کرد

Дод соқии бода аз ҷомӣ ки ман май хостам

داد ساقی باده از جامی که من می‌خواستم

Аз хами зулфи ту озодӣ нахоҳад ёфтан

از خم زلف تو آزادی نخواهد یافتن

Мурғи дили афтода дар домӣ ки ман май хостам

مرغ دل افتاده در دامی که من می‌خواستم

Дар табассум гуфт зери лаб ки қурбонами шӯй

در تبسم گفت زیر لب که قربانم شوی

Охири он ма дод дашномӣ ки ман май хостам

آخر آن مه داد دشنامی که من می‌خواستم

Бетаъаммул дар раҳаш қассоб кардам ҷони нисор

بی‌تأمل در رهش قصاب کردم جان نثار

Шуд насиби имрӯзи оромӣ ки ман май хостам

شد نصیب امروز آرامی که من می‌خواستم