То чанд зании теғи ҷафо бар дили ришам
تا چند زنی تیغ جفا بر دل ریشم
Зин беш намондаст марои тоқати нешам
زین بیش نماندهست مرا طاقت نیشم
Раҳмӣ бикун ва бар ман дили хаста бибахшоӣ
رحمی بکن و بر من دل خسته ببخشای
Вази дили намаки ҷавр аз ин беш мришм
وز دل نمک جور از این بیش مریشم
Дилро ба ғами ишқ рахт додам ва умрӣаст
دل را به غم عشق رخت دادم و عمریست
То аз ғами дидори ту бегонаи зи хешам
تا از غم دیدار تو بیگانه ز خویشم
Меҳрам ба дилат кам шуду ишқат ба дилам беш
مهرم به دلت کم شد و عشقت به دلم بیش
Ғофил машав эй дӯсти чунин аз кам ва бешам
غافل مشو ای دوست چنین از کم و بیشم
Устоди ғами ишқи туро нест ҷузи ин кор
استاد غم عشق تو را نیست جز این کار
Кови нақши хаёл ту ниҳодаст ба пешам
کاو نقش خیال تو نهادهست به پیشم
Рӯй ту марои қиблау абрӯии ту миҳроб
روی تو مرا قبله و ابروی تو محراب
Инаст ҳамаи дайнам ва онаст ҳамаи кешам
اینست همه دینم و آنست همه کیشم
Млҷоӣ ҷаҳон нест биҷузи даргаи лутфат
ملجای جهان نیست بجز درگه لطفت
Зинҳор ба хории ту марон аз дар хешам
زنهار به خواری تو مران از در خویشم