Ман дида бо хаёли ту барҳам наме занам
من دیده با خیال تو بر هم نمیزنم
Бе ёди рӯҳи бахши ту як дам наме занам
بی یاد روح بخش تو یک دم نمیزنم
То чанд хӯн дил хӯрам андари фироқи ту
تا چند خون دل خورم اندر فراق تو
Як дами нафас ба ишқи ту бедам наме занам
یک دم نفس به عشق تو بی دم نمیزنم
Бо онкии хастае дили моро ба теғи ҳиҷр
با آنکه خستهای دل ما را به تیغ هجر
эй нури дидаи нолаи зи дардам наме занам
ای نور دیده ناله ز دردم نمیزنم
Аз ғам ба ҷон расед дили мустаманди ман
از غم به جان رسید دل مستمند من
Охир бибин ки як дам беғам наме занам
آخر ببین که یک دم بی غم نمیزنم
Рӯзӣ намеравад ки сари хеши ҳалқаи вор
روزی نمیرود که سر خویش حلقهوار
Бар даргаи висоли ту ҳар дам наме занам
بر درگه وصال تو هر دم نمیزنم
Гуфтам ки ҳамдамами магари он нозанин шавад
گفتم که همدمم مگر آن نازنین شود
Як дам ба умри хеш ба ҳамдам наме занам
یک دم به عمر خویش به همدم نمیزنم
Гуфтам ба риши дил ба ҷаҳонами ту марҳамӣ
گفتم به ریش دل به جهانم تو مرهمی
Марҳами туеу лофи зи марҳам наме занам
مرهم تویی و لاف ز مرهم نمیزنم