Бигӯ то чанд хӯни дил ба ғам дар соғар андозем
بگو تا چند خون دل به غم در ساغر اندازیم
зи ҳиҷр рӯй он дилбари зи дида гавҳар андозем
ز هجر روی آن دلبر ز دیده گوهر اندازیم
Ба ҷон омад дилами бории зи ҳиҷри ёри ғам хӯрдан
به جان آمد دلم باری ز هجر یار غم خوردن
Биё то хонаи ғамро ба як ҷуръа барандозем
بیا تا خانهٔ غم را به یک جرعه براندازیم
Агар қади сеӣ сурӯши даройад дар самоъи имшаб
اگر قد سهی سروش درآید در سماع امشب
Нисори хоки пой ӯ ба ҷои зар сар андозем
نثار خاک پای او به جای زر سر اندازیم
Надорад қӣматии чандон зару гавҳари нисораш ро
ندارد قیمتی چندان زر و گوهر نثارش را
Раво бошад ки дар пои ту сар бо афсар андозем
روا باشد که در پای تو سر با افسر اندازیم
Агар ширини лаб ёрам намеуфтад ба даст эй дил
اگر شیرین لب یارم نمیافتد به دست ای دل
Биё то хсрўосои ҷон ба танг шукр андозем
بیا تا خسروآسا جان به تنگ شکّر اندازیم
Дило дар оташ шавқем ва аз ёди лаби лаълаш
دلا در آتش شوقیم و از یاد لب لعلش
Ҳаме хоҳам ки то ҷонро ба ҳавз кавсар андозем
همیخواهم که تا جان را به حوض کوثر اندازیم
Ба ҷои бода гулгун бигӯ то кӣ зи ҷаври ту
به جای باده گلگون بگو تا کی ز جور تو
зи роҳи дидаи хӯни дили чунин дар соғар андозем
ز راه دیده خون دل چنین در ساغر اندازیم
Срондозони кӯии ту ки сар бозанад дар поят
سراندازان کوی تو که سر بازند در پایت
Ҷаҳони гуфтои чунин беҳтари сиррии онҷо гар андозем
جهان گفتا چنین بهتر سری آنجا گر اندازیم
Агар дастам диҳад эй дили биё то як шабӣ то рӯз
اگر دستم دهد ای دل بیا تا یک شبی تا روز
Ҳамоили вори дасти васли дилбар дар бар андозем
حمایلوار دست وصل دلبر در بر اندازیم
Таманнои висоли ёр агар дорам наме ёрам
تمنّای وصال یار اگر دارم نمییارم
Азу кардан вале онро ба лутф дилбар андозем
ازو کردن ولی آن را به لطف دلبر اندازیم
Чунин зору нзорм ман расед онки маи рӯза
چنین زار و نزارم من رسید آنک مه روزه
Агар ақлам фурӯд ояд ба сол дигар андозем
اگر عقلم فرود آید به سال دیگر اندازیم
Ки гуяд дарди ман ёрб ки ёради ин сухани гуфтан
که گوید درد من یارب که یارد این سخن گفتن
Шабӣ дар ҳазрати султони магар рамзӣ дарандозем
شبی در حضرت سلطان مگر رمزی دراندازیم