Макун ту рӯй чу хуршеди худ зи мо пинҳон

مکن تو روی چو خورشید خود ز ما پنهان

Ки нест бар дил саргаштаам ҷафои пинҳон

که نیست بر دل سرگشته ام جفا پنهان

Ба ҷон расед дил аз дарди давряти ёро

به جان رسید دل از درد دوریت یارا

Макун ба дарди дил хастаам давои пинҳон

مکن به درد دل خسته‌ام دوا پنهان

Биё ба ғӯри дил хаста ам барис рӯзӣ

بیا به غور دل خسته‌ام برس روزی

Ки дард ишқ намедорам аз шумо пинҳон

که درد عشق نمی‌دارم از شما پنهان

Магар ки дарди дилами пеши ту сабо гуяд

مگر که درد دلم پیش تو صبا گوید

Чу нест рози дили халқ аз сабои пинҳон

چو نیست راز دل خلق از صبا پنهان

Агар гунаҳи зи ман вагар хато буд аз ту

اگر گنه ز من و گر خطا بود از تو

Биё ки менатавон дошт моҷарои пинҳон

بیا که می‌نتوان داشت ماجرا پنهان

Макун ту такя ба солусу зарқ то доне

مکن تو تکیه به سالوس و زرق تا دانی

Ки нест дар ду ҷаҳони ҳеҷ аз худои пинҳон

که نیست در دو جهان هیچ از خدا پنهان

Ба ғӯри ҳоли ту бегона воқифаст ва кунун

به غور حال تو بیگانه واقفست و کنون

Ҳаме кунӣ ғами дилро ба ошнои пинҳон

همی کنی غم دل را به آشنا پنهان