Субҳи висол кӣ дамади зини шаби лоҷуварди ман
صبح وصال کی دمد زین شب لاجورد من
Шикваи ҳиҷр чун кунад ин дили пари зи дарди ман
شکوه هجر چون کند این دل پر ز درد من
Оташи андаруни ман дар ту асар наме кунад
آتش اندرون من در تو اثر نمیکند
Ҳам асарӣ кунад магар дар дили оҳи сарди ман
هم اثری کند مگر در دل آه سرد من
Хӯн дилам бибин ки чун меравад аз ду чашми ҷон
خون دلم ببین که چون میرود از دو چشم جان
эй дилу дидагонам аз ғусса ба рӯй зарди ман
ای دل و دیدگانم از غصّه به روی زرد من
Нек ба ғӯр ман барис каз ғами ту чаҳ май кашам
نیک به غور من برس کز غم تو چه میکشم
Вар нарисӣ ба ғӯри мо кӣ барисӣ ба гирди ман
ور نرسی به غور ما کی برسی به گرد من
Бо қади ҳамчуи сарви ноз эй бути шӯхи длнўоз
با قد همچو سرو ناز ای بت شوخ دلنواز
Аз лаби лаъли хеши бози бардаи хоб ва хӯрд ман
از لب لعل خویش باز برده خواب و خَورد من
Шшдри хорўш дигар кард зиёди дов ро
ششدر خاروش دگر کرد زیاد داو را
Аз шаш ва панҷу чор байн нарад ҳариф нарад ман
از شش و پنج و چار بین نرد حریف نرد من