То ба кӣ бошад дилам дар доми ту

تا به کی باشد دلم در دام تو

Оҳӯии табъи дили ман роми ту

آهوی طبع دل من رام تو

Шуд гирифтори ин дил бечора ам

شد گرفتار این دل بیچاره‌ام

Дар сари зулфин ҳамчун шоми ту

در سر زلفین همچون شام تو

Ман надидам дар ҷаҳон эй бе вафо

من ندیدم در جهان ای بی وفا

Ҷузи ғаму андӯҳ дар айёми ту

جز غم و اندوه در ایام تو

Неки номии доштам дар офият

نیک نامی داشتم در عافیت

Дар ғам ҳиҷрон шудам бадноми ту

در غم هجران شدم بدنام تو

Гарчи бадномами зи ишқат дар ҷаҳон

گرچه بدنامم ز عشقت در جهان

Рӯзу шаби вирди забонами номи ту

روز و شب ورد زبانم نام تو

Оннигор шӯхи боз аз рангу буи

آن نگار شوخ باز از رنگ و بوی

эй дили мискини бабради ороми ту

ای دل مسکین ببرد آرام تو

То ба кӣ бошӣ чунин саргаштаи ҳол

تا به کی باشی چنین سرگشته حال

Чун надод аз лабнигорам коми ту

چون نداد از لب نگارم کام تو

Деги савдояши бпхтии солҳо

دیگ سودایش بپختی سالها

Сӯхтӣ лекин напухт ин хоми ту

سوختی لیکن نپخت این خام تو

Дар ҳавои оннигор бе вафо

در هوای آن نگار بی وفا

Ман надонам чун шавад фарҷоми ту

من ندانم چون شود فرجام تو