Он чаҳ зулфаст он ки боз аз қаҳр тобиш дода Эй

آن چه زلفست آن که باز از قهر تابش داده‌ای

Вон чаҳ наргис ҳои мастаст он ки хобаш дода Эй

وآن چه نرگس‌های مستست آن که خوابش داده‌ای

Ин чаҳ пайконаст бар ҷонам бигӯ зон ғамза ҳо

این چه پیکانست بر جانم بگو زآن غمزه‌ها

Гўиё аз бе вафоеи заҳр нобаш дода Эй

گوییا از بی‌وفایی زهر نابش داده‌ای

Дида бикшодам ки то байнами ҷамоли офтоб

دیده بگشادم که تا بینم جمال آفتاب

эй ду чашми ман чаро бар рух ниқобаш дода Эй

ای دو چشم من چرا بر رخ نقابش داده‌ای

Зон лаб чу нўшдорў ҳар ду чашми пурхумор

زان لبِ چو نوشدارو هر دو چشم پُر خمار

Аз дили маҷрӯҳи ман гӯйӣ кабобаш дода Эй

از دل مجروح من گویی کبابش داده‌ای

Чашми хӯни хорат басӣ хӯрдаст хуноби ҷигар

چشم خونخوارت بسی خورده‌ست خوناب جگر

Нек сармастаст дил зон лаб шаробаш дода Эй

نیک سرمستست دل زآن لب شرابش داده‌ای

Он ниҳоли қоматашро байн чу сарви бӯстон

آن نهال قامتش را بین چو سرو بوستان

эй дили мискини магар аз дида обаш дода Эй

ای دل مسکین مگر از دیده آبش داده‌ای

Дил ба чашми ҷони савол аз рӯз васлат карда буд

دل به چشم جان سؤال از روز وصلت کرده بود

Гуфтае лоло ва аз абрӯ ҷавобаш дода Эй

گفته‌ای لالا و از ابرو جوابش داده‌ای

эй табиби ман зи лаълати бӯсае май хости дил

ای طبیب من ز لعلت بوسه‌ای می‌خواست دل

Дар ҷаҳони вази хӯни дили дардам ҷавобаш дода Эй

در جهان وز خون دل دردم جوابش داده‌ای

Шаҳди васлат чун шавад берун ба коми дил ки ту

شهد وصلت چون شود بیرون به کام دل که تو

Шарбатии ширини ту аз лаъл музобаш дода Эй

شربتی شیرین تو از لعل مذابش داده‌ای