То кӣ дило ба доми ғамаши аўФтодаҳ Эй
تا کی دلا به دام غمش اوفتادهای
Сад доғаш аз фироқ ба ҷонами ниҳода Эй
صد داغش از فراق به جانم نهادهای
То чанд ҷон ба зулфи диловези баста Эй
تا چند جان به زلف دلاویز بستهای
То сайли хӯни зи дидаи равонами кушода Эй
تا سیل خون ز دیده روانم گشادهای
эй моҳи меҳрбон чу сари зулфи хештан
ای ماه مهربان چو سر زلف خویشتن
Барадии зи дасти мо дил ва бар бод дода Эй
بردی ز دست ما دل و بر باد دادهای
Чун сарви истодае ба лаби ҷӯй дар чаман
چون سرو ایستادهای به لب جوی در چمن
Ҳаргизи зи лаби ту коми дил мо надода Эй
هرگز ز لب تو کام دل ما ندادهای
Кӣ бар миннати назар буд эй ёри сангдил
کی بر منت نظر بود ای یار سنگدل
Мағрури ҳасани хештану масти бода Эй
مغرور حسن خویشتن و مست بادهای
Мо дар ғамат нишаста ба хок раҳем ва ту
ما در غمت نشسته به خاک رهیم و تو
Монанди сарв бар лаби ҷӯи истода Эй
مانند سرو بر لب جو ایستادهای
эй ашк то ба чанд беафтӣ ба хоки роҳ
ای اشک تا به چند بیفتی به خاک راه
Гӯйанд дар ҷаҳон ки ту маърӯфи зода Эй
گویند در جهان که تو معروف زادهای