Чаҳ ҷурм рафт ки якбора меҳр бибаредӣ

چه جرم رفت که یکباره مهر ببریدی

Чаҳ аўФтод ки аз мо Аннани бпичидӣ

چه اوفتاد که از ما عنان بپیچیدی

Ба қавлу аҳди ту дигар ки эътимод кунад

به قول و عهد تو دیگر که اعتماد کند

Ки ҳар сухан ки бигуфтӣ аз он бгрдидӣ

که هر سخن که بگفتی از آن بگردیدی

Ҳазор бор бигуфтам ки нашнавӣ зинҳор

هزار بار بگفتم که نشنوی زنهار

зи дӯстони сухани душманон ва нишнидӣ

ز دوستان سخن دشمنان و نشنیدی

Бигуфтем ки ба коми дилати расонами зуд

بگفتی‌ام که به کام دلت رسانم زود

Ба коми дил на валикин ба ҷони расонидӣ

به کام دل نه ولیکن به جان رسانیدی

Чаҳ дӯстӣаст ки аҳволи мо наме пурсӣ

چه دوستیست که احوال ما نمی‌پرسی

Чаҳ душманӣаст ки аз ёр хеш бибаредӣ

چه دشمنیست که از یار خویش ببریدی

Чаҳ ҳолтист ки бо бандагон напардозӣ

چه حالتیست که با بندگان نپردازی

Чаҳ сӯратӣаст ки аз дӯстон бибаредӣ

چه صورتیست که از دوستان ببریدی

Ҷаҳони зи дасти мадаи баъди азин ба коми ҳасуд

جهان ز دست مده بعد ازین به کام حسود

Кунун [ ки ] коми дили хеш аз ҷаҳон дидӣ

کنون [که] کام دل خویش از جهان دیدی