Фидоӣ ҷон манаст оннигор чун ҳурӣ

فدای جان منست آن نگار چون حوری

Бигӯ чигуна тавон кард аз Рахши даврӣ

بگو چگونه توان کرد از رخش دوری

Ба ҷон расед дили ман зи дарди рӯзи фироқ

به جان رسید دل من ز درد روز فراق

Аз онкӣ ҳаст диламро давои маҳҷӯрӣ

از آنکه هست دلم را دوای مهجوری

Табиби дарди диламро даво накард ва бирафт

طبیب درد دلم را دوا نکرد و برفت

Ки нест ҷузи шаби васлаши давои ранҷурӣ

که نیست جز شب وصلش دوای رنجوری

зи шаҳди лаб чу кунам нӯш мебидодам неш

ز شهد لب چو کنم نوش می بدادم نیش

Чаҳ чора чун ки туро нест хуии дили ҷӯрӣ

چه چاره چون که ترا نیست خوی دل جوری

Биҳишту ҷинату ҳуру қусӯр бе рухи ту

بهشت و جنّت و حور و قصور بی رخ تو

Чаҳ гӯна дар назар ояд марои ту манзурӣ

چگونه در نظر آید مرا تو منظوری

Дило ҳавоӣ баландаст аз ҷаҳони мо ро

دلا هوای بلندست از جهان ما را

з шоҳбоз наёяд мизоҷи ъсФўрӣ

ز شاهباز نیاید مزاج عُصفوری