Дило ту бо ман мискин чаро наме созӣ
دلا تو با من مسکین چرا نمیسازی
Магар ба хӯни ман мустаманд май нозӣ
مگر به خون من مستمند مینازی
Аё насими сабогар ба дӯсти бргзрӣ
ایا نسیم صبا گر به دوست برگذری
Салом ман барисоне ки муҳаррами розӣ
سلام من برسانی که محرم رازی
Бигӯ чаҳ кам шавад эй моҳи меҳрбони нафасӣ
بگو چه کم شود ای ماه مهربان نفسی
Агар ту бо ман ошуфтаи ҳол дар созӣ
اگر تو با من آشفته حال درسازی
Ту офтобӣ ва ман заррае зи хок дарат
تو آفتابی و من ذرّه ای ز خاک درت
Чаҳ бошад ар ба сари хок соя андозӣ
چه باشد ار به سر خاک سایه اندازی
Ман аз куҷоу ҳавои висоли ту зи куҷо
من از کجا و هوای وصال تو ز کجا
Ки ман кабӯтари пар бастаам ту шаҳбозӣ
که من کبوتر پر بستهام تو شهبازی
Ба сарви гӯй ки пеши қадаши з по биншин
به سرو گوی که پیش قدش ز پا بنشین
Ту пеши қомат ӯ мекунӣ сарафрозӣ
تو پیش قامت او میکنی سرافرازی
Ба гул бигӯ ки чаҳ бешарму шӯхи чашмии ту
به گل بگو که چه بی شرم و شوخ چشمی تو
Ки дар баробари рӯйиш ба ҳасан май нозӣ
که در برابر رویش به حسن مینازی
Манам ки домани васлати з чанг нагузорам
منم که دامن وصلت ز چنگ نگذارم
Гарм чу даф бизанӣ вар чу чанг бинавозӣ
گرم چو دف بزنی ور چو چنگ بنوازی
Ниҳон кунам ғами ишқат вале чаҳ суд ки кард
نهان کنم غم عشقت ولی چه سود که کرد
Миёни халқи ҷаҳони оби дидаи ғаммозӣ
میان خلق جهان آب دیده غمّازی
Ту подшоҳи ҷаҳонии з даст рафт ҷаҳон
تو پادشاه جهانی ز دست رفت جهان
Раво буд ки ба ҳол ҷаҳон напардозӣ ?
روا بود که به حال جهان نپردازی؟