Фарёду дарди мо зи ғамат бе ниҳоятаст

فریاد و درد ما ز غمت بی نهایتست

Ҷавру ҷеффот бар дили тангам ба ғоятаст

جور و جفات بر دل تنگم به غایتست

Чашмат бирехт хӯни диламро ба теғи ҳиҷр

چشمت بریخت خون دلم را به تیغ هجر

Додам зи васли даҳ ки на вақт ҳимоятаст

دادم ز وصل ده که نه وقت حمایتست

Муштоқи васли ту ман ва аз ман туе малул

مشتاق وصل تو من و از من تویی ملول

Охири зи дил ба дил на ту гуфтӣ сироятаст

آخر ز دل به دل نه تو گفتی سرایتست

Гӯйанд дил ба дил будаш роҳ ва ҳеҷ нест

گویند دل به دل بودش راه و هیچ نیست

Гӯйӣ ки ин сухан ба сиблат ҳикоятаст

گویی که این سخن به سبیل حکایتست

Дили бардаеу қасд ҷаҳон мекунӣ чаро

دل برده‌ای و قصد جهان می‌کنی چرا

Бар мо ҷафоу ҷаври ту ҷоно кифоятаст

بر ما جفا و جور تو جانا کفایتست

Дорам ҳикоятии зи фироқат вале ғамат

دارم حکایتی ز فراقت ولی غمت

Хӯнам ба заҷри рехт чаҳ ҷой шикоятаст

خونم به زجر ریخت چه جای شکایتست

Дили барад дар ҷаҳон ба сари зулфи ту паноҳ

دل برد در جهان به سر زلف تو پناه

Зеро ки ҷаври ғамза ӣ ту бе ниҳоятаст

زیرا که جور غمزهٔ تو بی نهایتست

Чашмам ба талъати рухи ту зон мунаввараст

چشمم به طلعت رخ تو زان منوّرست

Кони партави ҷамоли ту нур ҳидоятаст

کان پرتو جمال تو نور هدایتست

Роят қарор дод ба васлами шабӣ аз он

رایت قرار داد به وصلم شبی از آن

Рӯй ҷаҳони зи лутфи ту равшан чу роятаст

روی جهان ز لطف تو روشن چو رایتست