Ман дардманди чора ӣ дардам чаҳ ме кунӣ
من دردمند چارهٔ دردم چه میکنی
Тадбири ҳоли дидаи пари нам чаҳ ме кунӣ
تدبیر حال دیده پُر نم چه میکنی
Дорем мо дилӣ чу ду зулфи ту пари зи шӯр
داریم ما دلی چو دو زلف تو پر ز شور
Бозаши зи дарди даврии дарҳам чаҳ ме кунӣ
بازش ز درد دوری در هم چه میکنی
Маҷрӯҳ шуд дилами зи ҷафоҳоят эй санам
مجروح شد دلم ز جفاهایت ای صنم
Бар риш мо бигӯӣ ки марҳам чаҳ ме кунӣ
بر ریش ما بگوی که مرهم چه میکنی
Дрдист дар дилам ки дамам зон гирифта шуд
دردیست در دلم که دمم زان گرفته شد
эй ҷон ман бигӯӣ ки дардам чаҳ ме кунӣ
ای جان من بگوی که دردم چه میکنی
Пушти умеди ман чу алиф буд дар ғамат
پشت امید من چو الف بود در غمت
Бозаш чу тоқи абрӯии худ хам чаҳ ме кунӣ
بازش چو طاق ابروی خود خم چه میکنی
Гар май кашӣ ба ғуссаи маро яксара бикаш
گر میکُشی به غصّه مرا یکسره بکش
Хӯн дар дилами зи ҳиҷри ту ҳрдм чаҳ ме кунӣ
خون در دلم ز هجر تو هر دم چه میکنی
Бар қавли душманони ҷФоҷўӣ бе вафо
بر قول دشمنان جفاجوی بی وفا
Ҳрдми аноятати ту зи мо кам чаҳ ме кунӣ
هر دم عنایتت تو ز ما کم چه میکنی
Шодӣу хуррамии з ҷаҳон рафт гӯиё
شادی و خرّمی ز جهان رفت گوئیا
Мискини дили заъифи ту бо ғам чаҳ ме кунӣ
مسکین دل ضعیف، تو با غم چه میکنی