Сарв аз қаду қомат ту пастаст

سرو از قد و قامت تو پَستست

Бар хоки раҳ аз ғамат нишастаст

بر خاک ره از غمت نشسته‌ست

Гӯйӣ ки гули марои зи бунёд

گویی که گِل مرا ز بنیاد

Аз обу ҳавоӣ ту сириштаст

از آب و هوای تو سرشته‌ست

Аз сар бигузашт оби чашмам

از سر بگذشت آب چشمم

Инам ба фироқ саргузаштаст

اینم به فراق سرگذشتست

Ин одату хуйу буии коўрост

این عادت و خوی و بوی کاو راست

з одам набӯд ки ӯ Фрштст

زآدم نبود که او فرشته‌ست

Тухми ғами меҳри хеши гӯйӣ

تخم غم مهر خویش گویی

Дар ҷони раҳе ба ишқ киштаст

در جان رهی به عشق کِشته‌ست

Киштӣ ба ҷафои ҷаҳонии охир

کشتی به جفا جهانی آخر

Як рӯз нагуфтае ки зиштаст

یک روز نگفته‌ای که زشتست

Ҳоли дили хеш чун бигӯям

حال دل خویش چون بگویم

Гӯйии ту ки инаши срнбштст

گویی تو که اینش سرنبشتست