Мурғи ҷонам ба сари кӯии бутӣ дар бандаст
مرغ جانم به سر کوی بتی در بندست
Ба насимии зи сари кӯй вафо хурсандаст
به نسیمی ز سر کوی وفا خرسندست
Ба камоне ки буд рост чу абрӯии каҷаш
به کمانی که بود راست چو ابروی کجش
Тири мижгонаши ту гӯйии з ҳавоаш афкандаст
تیر مژگانش تو گویی ز هواش افکندهست
Дард дил ҳаст басӣ зон лабу рух бар дили ман
درد دل هست بسی زان لب و رخ بر دل من
Лоҷарами чора ӣ дарди дили мо гул қандаст
لاجرم چارهٔ درد دل ما گل قندست
Мурғи ишқи рухи дилдор ба минқори қазо
مرغ عشق رخ دلدار به منقار قضا
Гўиёи меҳри Рахш дар дили мо окндст
گوییا مهر رخش در دل ما آکندهست
Сабр гӯйанд зарурат бикун аз суҳбати ёр
صبر گویند ضرورت بکن از صحبت یار
Кас чаҳ донад шаби айём фироқаш чандаст
کس چه داند شب ایام فراقش چندست
Ақл гуфто бирав эй дил ба ҷаҳон сирӣ кун
عقل گفتا برو ای دل به جهان سیری کن
Гуфт натавон ки ба зулфаши ду ҷаҳон побандаст
گفت نتوان که به زلفش دو جهان پابندست
Ин ҳамаи ҷавру ҷафо бар ман мискини з чаҳ рӯаст
این همه جور و جفا بر من مسکین ز چه روست
Чу ту доне ки ҷаҳон аз дил ва ҷонат бандаст
چو تو دانی که جهان از دل و جانت بندست