Идӣаст муборак ки каси он ид надидаст

عیدیست مبارک که کس آن عید ندیده‌ست

Вази боди сабои ҳеҷ каси он бӯ нишнидаст

وز باد صبا هیچ کس آن بو نشنیده‌ست

Дар гӯш дил омад саҳар аз ҳотифи ғайбам

در گوش دل آمد سحر از هاتف غیبم

Кини ид ба бахти шаҳи шаҳ зода Саидаст

کین عید به بخت شه شه‌زاده سعیدست

Айём хазонаст валек аз назари лутф

ایام خزانست ولیک از نظر لطف

Дар боғи съодоти ҳама сабза дамидаст

در باغ سعادات همه سبزه دمیده‌ست

Аз гулбуни умеди баромади гули давлат

از گلبن امید برآمد گل دولت

Варна ба чунин фасли гул аз боғ ки чидаст

ورنه به چنین فصل گل از باغ که چیده‌ست

Ҷӯёни ҳилол шаб иданд хилоиқ

جویان هلال شب عیدند خلایق

Хуршеди дарахшнда дар ин ид раседаст

خورشید درخشنده در این عید رسیده‌ست

Дар иди сиёмати тарабу хуррамии аўлист

در عید صیامت طرب و خرمی اولیست

Зеро ки қудуми шаҳи шаҳи зода ду идаст

زیرا که قدوم شه شه‌زاده دو عیدست

Оҳӯии тторӣ ки дар ӯ нофа чинаст

آهوی تتاری که در او نافه چینست

Бӯеи магар аз гулшани лутф ту шунидаст

بویی مگر از گلشن لطف تو شنیده‌ست

То сарви равон , қади туро дид ба бустон

تا سرو روان، قدّ تو را دید به بستان

Аз шарми чунон қомати раъноати хмидст

از شرم چنان قامت رعنات خمیده‌ست

Зон рӯз ки маҳрӯми зи алтофи ъмимм

زان روز که محروم ز الطاف عمیمم

Хӯнами зи дилу дида ӣ ғмдидаҳ чакидаст

خونم ز دل و دیدهٔ غمدیده چکیده‌ست

Аз ҷон чу дуъогӯӣу санохон ба ҷаҳонам

از جان چو دعاگوی و ثناخوان به جهانم

Аз айни анояти з чаҳ рӯ банда баъӣдаст

از عین عنایت ز چه رو بنده بعیدست