Фидо кардам ба ғамҳои ту ҷон ро

فدا کردم به غم‌های تو جان را

Ки дорад тозаи ғами ҳайти ҷаҳон ро

که دارد تازه غم‌هایت جهان را

Аз он кардам фидои ҷон дар раҳи ишқ

از آن کردم فدا جان در ره عشق

Каз он орӣ набошад раҳравон ро

کز آن عاری نباشد رهروان را

Чаҳ бошадгар ба сӯй бе длонт

چه باشد گر به سوی بی دلانت

Ба лутф худ бигардоне Аннан ро

به لطف خود بگردانی عنان را

Агар пешами хиромӣ аз сари ноз

اگر پیشم خرامی از سر ناز

Ба дида ҷо кунам сарви равон ро

به دیده جا کنم سرو روان را

Нисори мақдамат эй нури дида

نثار مقدمت ای نور دیده

Нишоед кард ҷузи рӯҳу равон ро

نشاید کرد جز روح و روان را

Табиби дил ! чаро бо ту нагӯям

طبیب دل! چرا با تو نگویم

Ба аҳди ишқи ту дарди ниҳон ро

به عهد عشق تو درد نهان را

Ба ҷони ту ки ман бории шабу рӯз

به جان تو که من باری شب و روز

Ба зикри дӯсти гардонами забон ро

به ذکر دوست گردانم زبان را

Нгорино чаро маҳрӯми дорӣ

نگارینا چرا محروم داری

зи васл ҷон физойат дӯстон ро

ز وصل جان فزایت دوستان را

Ба теғи ҳиҷри ҷонамро бхстӣ

به تیغ هجر جانم را بخستی

Ба рағмам шод кардӣ душманон ро

به رغمم شاد کردی دشمنان را

намедонам чаро дар кӯии ишқат

نمی‌دانم چرا در کوی عشقت

Ҷаҳонро нест раҳ , бошад сегон ро

جهان را نیست ره، باشد سگان را