Аз васли марои ҷаҳон ба комаст

از وصل مرا جهان به کامست

Он оҳӯӣ ваҳшем ба домаст

آن آهوی وحشیم به دامست

Венаи тавсани рӯзгори худком

وین توسن روزگار خودکام

Шукраст ба зери по ки ромаст

شکرست به زیر پا که رامست

эй дили ту Аннани худ нигаҳдор

ای دل تو عنان خود نگه دار

Кин тавсани чархи бдлгомст

کاین توسن چرخ بدلگامست

Он кас ки чу ман ғулом ӯ нест

آن کس که چو من غلام او نیست

Бинмоӣ ба ман ки ӯ кадомаст

بنمای به من که او کدامست

Гар нест туро ба бандаи шавқӣ

گر نیست تو را به بنده شوقی

Моро ба висол ту мудомаст

ما را به وصال تو مدامست

Чун хӯни миннат ҳалол гаштаст

چون خون منت حلال گشته‌ست

Васли ту чаро ба ман ҳаромаст

وصل تو چرا به من حرامست

эй моҳи тамом дар никуӣ

ای ماه تمام در نکویی

Морои ғами ишқ ту тамомаст

مارا غم عشق تو تمامست

Субҳи рухи ту чу офтобаст

صبح رخ تو چو آفتابست

Зулфи сияҳи ту ҳамчу домаст

زلف سیه تو همچو دامست

Ман банда ӣ хоси ту зи ҷонам

من بندهٔ خاص تو ز جانم

Аз лутфи ъмими ту ки омаст

از لطف عمیم تو که عامست

Савдои ду зулфат эй ситамгар

سودای دو زلفت ای ستمگر

Пухтем вале ҳануз хомаст

پختیم ولی هنوز خامست

Шукраст ки даии гузашту имрӯз

شکرست که دی گذشت و امروز

Аз васли тавъами ҷаҳон ба комаст

از وصل تواَم جهان به کامست