Чу зулфи дӯсти дилам доимо парешонаст

چو زلف دوست دلم دایماً پریشانست

Ду дида аз ғами ҳиҷронаш гавҳар афшонаст

دو دیده از غم هجرانش گوهر افشانست

Ҳануз наргиси масташи миёни хобу хумор

هنوز نرگس مستش میان خواب و خمار

Лабаш ба коми дили шоди бодаи нўшонст

لبش به کام دل شاد باده نوشانست

Дило агар зи лабаши бӯсае ҳамеи дуздӣ

دلا اگر ز لبش بوسه‌ای همی دزدی

Марв ки моҳи Рахш беш аз он дроФшонст

مرو که ماه رخش بیش از آن دُر افشانست

Ба ҷон расед дилам аз ҷафои хасм вале

به جان رسید دلم از جفای خصم ولی

Ба давлати ту умед завол эшонаст

به دولت تو امید زوال ایشانست

Ба васл ҷон нарасида ҳануз мискини дил

به وصل جان نرسیده هنوز مسکین دل

Чу бед аз ғами ҳиҷрон ӯ дар афшонаст

چو بید از غم هجران او دَر افشانست

Дило зи хеши балои дидаеу бегона

دلا ز خویش بلا دیده‌ای و بیگانه

Вале балои дили ман ҳамаи зи хўишонст

ولی بلای دل من همه ز خویشانست

Гирифт оина ӣ рӯй ту хаттии зангор

گرفت آینهٔ روی تو خطی زنگار

Магари зи оҳи дили танги синаи ришонст

مگر ز آه دل تنگ سینه ریشانست

Парастиш рух ёраст мазҳаби дили мо

پرستش رخ یارست مذهب دل ما

Чаро ки дар ду ҷаҳони қойилам ки кеш онаст

چرا که در دو جهان قایلم که کیش آنست

Ман заъиф , бало дидаам зи ҳиҷронат

من ضعیف، بلا دیده‌ام ز هجرانت

Чаро ду зулфи ту чун хотирам парешонаст

چرا دو زلف تو چون خاطرم پریشانست

Бабради дили зи ҷаҳонӣ ба хату холи сиёҳ

ببرد دل ز جهانی به خطّ و خال سیاه

Ғубору фитнаи олами магар каз эшонаст

غبار و فتنه عالم مگر کز ایشانست