Ки мегуяд ки чашмаши нргсинст

که می‌گوید که چشمش نرگسینست

Ки мегуяд ки зулфаши ънбринст

که می‌گوید که زلفش عنبرینست

Гиёҳиро чаҳ нисбат бо ду чашмаш

گیاهی را چه نسبت با دو چشمش

Тавон кардани дилам зон рӯ ҳазинаст

توان کردن دلم زان رو حزینست

Ду абрӯяши ҳилол ид хонанд

دو ابرویش هلال عید خوانند

Рахшро чун бигӯям ёсаминаст

رخش را چون بگویم یاسمینست

Чаҳ нисбати зулф ӯ бо машку анбар

چه نسبت زلف او با مشک و عنبر

Ки буи ӯ марои ?дане ва дайнаст

که بوی او مرا دنیی و دینست

Ду зулфаши ҳамчуи шаб бар рӯй хуршед

دو زلفش همچو شب بر روی خورشید

зи сар то пои ҳазораш оФрнист

ز سر تا پا هزارش آفرنیست

Ба васламгар навозад беҳтар онаст

به وصلم گر نوازد بهتر آنست

Салоҳи кори мо борӣ дар инаст

صلاح کار ما باری در اینست

Маро гӯйанд тарки ишқ ӯ гӯй

مرا گویند ترک عشق او گوی

Наме ёрам ки ёрам нозанинаст

نمی‌یارم که یارم نازنینست

зи дил берун наёрам кард меҳраш

ز دل بیرون نیارم کرد مهرش

Ки ишқаш дар дилам нақш нигинаст

که عشقش در دلم نقش نگینست

Ҷаҳони гаштами басӣ дар ишқи рӯйиш

جهان گشتم بسی در عشق رویش

Марои меҳри рух ӯ дил гузинаст

مرا مهر رخ او دل گزینست

Ҷафо бар ман басӣ кард он ситамгар

جفا بر من بسی کرد آن ستمگر

Ҳамоно гардиши гардуни бринст

همانا گردش گردون برینست

Наме сӯзади дилаш бар ҳоли зорам

نمی‌سوزد دلش بر حال زارم

Чаҳ чора чунки он дил оҳанӣнаст

چه چاره چونکه آن دل آهنینست