Фроғтисти маро аз ҷаҳон ва ҳарчӣ дар ӯст
فراغتیست مرا از جهان و هرچه در اوست
Чаҳ бок дорам аз андешаҳои душману дӯст
چه باک دارم از اندیشههای دشمن و دوست
Маро агар чу сухани халқ дар даҳон гиранд
مرا اگر چو سخن خلق در دهان گیرند
Ғариб нест садафи доимои пар аз лўлўст
غریب نیست صدف دایماً پر از لولوست
Касе ки аз баду неки замона даст бишуст
کسی که از بد و نیک زمانه دست بشست
Муайянаст ки фориғи зи модҳу бдгўст
معینست که فارغ ز مادح و بدگوست
Чу поки доманӣ офтоб машҳураст
چو پاک دامنی آفتاب مشهورست
Чаҳ бок агар шаби торик дар муқобил ӯст
چه باک اگر شب تاریک در مقابل اوست
Ба расми тазмини ин байт дилкаш оварадам
به رسم تضمین این بیت دلکش آوردم
зи шеъри шайх ки ҷонам ба табъ дорад дӯст
ز شعر شیخ که جانم به طبع دارد دوست
« зи дасти душманам эй дӯстон шикоят нест
«ز دست دشمنم ای دوستان شکایت نیست
Шикоятами ҳама аз дӯстон душман хуаст »
شکایتم همه از دوستان دشمن خوست»
Насими гулшани табъами ҳасудтар доман
نسیم گلشن طبعم حسودِ تر دامن
Шунидааст ки чун боди хулди ънбрбўст
شنیده است که چون باد خلد عنبربوست
Ба сони ғунча ки бар ваии вазади сабо ҳар дам
بسان غنچه که بر وی وزد صبا هر دم
Аз он муъоина бар хештани бадаради пӯст
از آن معاینه بر خویشتن بدرّد پوست
Ҷаҳон хушаст чу сарв аз чамани Марви берун
جهان خوشست چو سرو از چمن مرو بیرون
Ки ҷои мардуми равшани равон кунун лаб ҷӯаст
که جای مردم روشن روان کنون لب جوست