Охири з чаҳ рӯ дар дили ту меҳр ва вафо нест

آخر ز چه رو در دل تو مهر و وفا نیست

Бо мо з чаро эй дилу дайни ғайр сафо нест

با ما ز چرا ای دل و دین غیر صفا نیست

Дрдист дар ин дили зи ғами ишқи ту ҷоно

دردیست در این دل ز غم عشق تو جانا

Ковро биҷуз аз шарбати васли ту даво нест

کاو را بجز از شربت وصل تو دوا نیست

Охир ту биҷӯ дар ҳамаи офоқи худо ро

آخر تو بجو در همه آفاق خدا را

Он дил ки зи болои ту дар айн бало нест

آن دل که ز بالای تو در عین بلا نیست

То кӣ кашами ин дард ки ҷонам ба лаб омад

تا کی کشم این درد که جانم به لب آمد

Зин беш ҷафо бар ман бечора раво нест

زین بیش جفا بر من بیچاره روا نیست

Ёрб ки кунад қисса ӣ дардам ба бар ту

یارب که کند قصهٔ دردم به بر تو

эй нури ду дидаи биҷуз аз кор сабо нест

ای نور دو دیده بجز از کار صبا نیست

То бо ту бигӯед ғами аҳволи ҷаҳон ро

تا با تو بگوید غم احوال جهان را

К-эии ёри ҷафои ҷӯии турои меҳр ва вафо нест

کای یار جفا جوی ترا مهر و وفا نیست

Саргаштаи чроиими давон дар паии болот

سرگشته چراییم دوان در پی بالات

эй сарв чаро майли ту бар ҷониб мо нест

ای سرو چرا میل تو بر جانب ما نیست