Моро ғамӣ чу шиддати ҳиҷрон ёр нест
ما را غمی چو شدّت هجران یار نیست
Венаами бтар ки ғайри ғамам ғмгсор нест
وینم بتر که غیر غمم غمگسار نیست
Гуфтам магарнигор ғами ҳол мо хӯрд
گفتم مگر نگار غم حال ما خورد
Буии вафоу меҳр дар ин рӯзгор нест
بوی وفا و مهر در این روزگار نیست
Гуфтӣ шабӣ ба кулбаи аҳзон гузар кунам
گفتی شبی به کلبه احزان گذر کنم
Бозо ки дар ҷаҳони бтар аз интизор нест
بازآ که در جهان بتر از انتظار نیست
Гуфтам хумор башиканам андари саҳар ба май
گفتم خمار بشکنم اندر سحر به می
Хуштар зи шарбати лаби ту дар хумор нест
خوشتر ز شربت لب تو در خمار نیست
Гуфтӣ ба сабр кӯш ба ҳиҷрони мо вале
گفتی به صبر کوش به هجران ما ولی
Зин беш сабрам аз рухи он гул изор нест
زین بیش صبرم از رخ آن گل عذار نیست
Гуфтам ки бор ҳаст сегонро ба кӯии ту
گفتم که بار هست سگان را به کوی تو
Моро чаро ба кӯча ӣ васли ту бор нест
ما را چرا به کوچهٔ وصل تو بار نیست
Гуфтӣ бирав сдоъи мадаи пеш аз ин маро
گفتی برو صُداع مده پیش از این مرا
Раҳмии турои бад-ӣни тани маҳҷӯр зор нест
رحمی ترا بدین تن مهجور زار نیست
Гуфтам ту сарви нозӣ ва мо хоки раҳ ба кӯй
گفتم تو سرو نازی و ما خاک ره به کوی
Охир ба сӯии мо з чаҳ рӯят гузор нест
آخر به سوی ما ز چه رویت گذار نیست
Аз даст рафт домани васли ту ин бтар
از دست رفت دامن وصل تو این بتر
Дастами з кор рафт ва ба дастам нигор нест
دستم ز کار رفت و به دستم نگار نیست